दमोह। ब्लास्टिंग की घटना की जांच करने घटेरा पहुंचे जबलपुर से रेलवे के सीएओ एवं मुख्य सुरक्षा अधिकारी

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जबेरा/दमोह। कटनी बीना रेल सेक्शन के बीच बीते करीब 2 वर्षों से तीसरी रेल लाइन विस्तारीकरण का कार्य लगातार जारी है। जिसमें ठेकेदारों द्वारा तीसरी रेल लाइन की पटरी डालने के लिए समतलीकरण के साथ-साथ पुलों एवं अंडर ब्रिज का भी निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इसी तीसरी रेल लाइन विस्तारीकरण का कार्य इन दिनों गोलापट्टी से असलाना रेलवे स्टेशन तक गुजरात की एक कंपनी के ठेकेदार द्वारा कार्य कराया जा रहा है। गुरुवार की रात्रि में ठेकेदार द्वारा घटेरा रेलवे स्टेशन के पास व्यारमा नदी में तीसरे पुल निर्माण के लिए गड्ढे खोदने के लिए बगैर विभागीय स्वीकृति के रात्रि करीब 8:30 बजे ब्लास्टिंग कराई गई। जो अधिक तीव्र होने से पत्थर के टुकड़े उचट कर अप रूट के रेलवे पुल में लगे 25 हजार बोल्ट के विद्युत तार से टकरा गए। जिससे विद्युत तार टूटकर पुल से टकराते हुए नीचे व्यारमा नदी के पानी में जा गिरा,पानी और करंट का संपर्क होने से नदी में आग की लपटें उठने लगी और रेल पुल में 25 हजार वोल्ट का करंट तोड़ दौड़ता रहा। बिजली लाइन का तार टूटने से 3 घंटे रेल यातायात बंद रहा। गनीमत रही कि जब विद्युत तार टूटा था उस वक्त कोई पैसेंजर ट्रेन पुल से नहीं गुजरी नहीं तो बड़ा और गंभीर हादसा हो सकता था। क्योकि अगर पैसेंजर ट्रेन पुल पर पहुँचती तो पूरी की पूरी ट्रेन करंट की चपेट में आ जाती। वहीं घटना की सूचना मिलते ही आनन फानन में दमोह से रेलवे अधिकारी घटेरा पहुंचे,जिसके बाद 3 घंटे बाद रात्रि करीब 11:30 बजे रेल यातायात सुधार के बाद शुरू हो सका था।
गौरतलब है कि तीसरी रेलवे लाइन के विस्तारीकरण का कार्य कर रहे ठेकेदारों द्वारा लगातार ही लापरवाही की जाती रही है। कुछ माह पूर्व ही कटनी दमोह जंक्शन के बीच रतनगांव-सगौनी रेलवे स्टेशन के बीच भी किलोमीटर क्रमांक 1182 के आसपास पहाड़ों की बड़ी-बड़ी चट्टानों को तोड़ने के लिए ब्लास्टिंग की गई थी। जिसमें पत्थर के बड़े-बड़े बोल्डर रेल पटरी पर आकर गिर गए थे,जिससे रेल यातायात बाधित हुआ था। इसी तरह राजस्व भूमि का अवैध उत्खनन भी ठेकेदारों द्वारा बगैर स्वीकृति के लगातार किया जाता रहा है। एक बार खनिज विभाग द्वारा अवैध उत्खनन करते हुए ठेकेदारों के डंपर करीब 1 वर्ष पूर्व जप्त किए गए थे। तो वही बिना अनुमति के घटेरा में राजस्व भूमि पर खुदाई करने पर तहसीलदार द्वारा भी कार्यवाही की गई थी। इन घटनाओं के बाद घटेरा में भी यह बड़ी घटना ठेकेदारों की लापरवाही से सामने आई है।
गुरुवार को घटेरा के पास व्यारमा नदी में ब्लास्टिंग से विद्युत तार टूटने की बड़ी घटना की जांच करने शुक्रवार को जबलपुर से मुख्य प्रशासनिक अधिकारी निर्माण विभाग व्ही के अग्रवाल एवं सुरक्षा मुख्य सुरक्षा अधिकारी सहित दर्जनों अधिकारी घटेरा पहुंचे और घटना की बारीकी से जांच की गई। इस संबंध में गोलापट्टी से असलाना तक तीसरी रेल लाइन का कार्य देख रहे आईओ डब्ल्यू रेल विभाग के अधिकारी एसके रिछारिया ने बताया कि इस घटना में ठेकेदार की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जिसमें बिना विभागीय स्वीकृति के ब्लास्टिंग की गई थी,जबकि ब्लास्टिंग की कोई अनुमति नहीं है घटना की उच्च स्तरीय जांच जारी है।

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