prayagraj/निरंकारी संत समागम में आए हुए श्रद्धालु भक्तों में गजब का उत्साह दिया। जाती,धर्म भाषा से ऊपर उठकर एक ईश्वर की संगत का बोध हासिल करने वाले भक्तजनों ने सारी मजहबी दीवारों को तोड़ते हुए समाज में इंसानियत का पैगाम दिया।

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【 *निरंकारी संत समागम*】

( *जाति -धर्म से ऊपर उठकर भक्तों ने दिया मानवता का संदेश*)
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*प्रयागराज 22 अगस्त 2022*। निरंकारी संत समागम में आए हुए श्रद्धालु भक्तों में गजब का उत्साह दिया। जाती,धर्म भाषा से ऊपर उठकर एक ईश्वर की संगत का बोध हासिल करने वाले भक्तजनों ने सारी मजहबी दीवारों को तोड़ते हुए समाज में इंसानियत का पैगाम दिया।

 

 

 

 

संत समागम में न कोई ऊंचा, न कोई बडा, न कोई छोटा, न कोई अमीर, न कोई गरीब था, सभी के दिलो में अपने गुरु के लिए इतना सम्मान की न जाने कहां-कहां लेकिन खींचे चले आए हजारों लोग। इतना जनसमूह होने के बावजूद चारों तरफ शांति और सौहार्द का वातावरण था हर कार्य को अनुशासन में कतार बद्ध होकर करने की शिक्षा को भक्तों ने अपनाया।

 

 

 

 

समागम में आए हुए मानव परिवार के लिए व्यापक प्रबंध किए गए थे। भारी वर्षा के कारण कुछ रूकावट होने के बावजूद तैयारियों को भरपूर अंजाम दिया गया था। सभी के लिए सुबह शाम लंगर चलता रहा। पार्किंग की निशुल्क व्यवस्था थी। प्रबंध व्यवस्था के तहत अमानती सामान कछ, कोया-पाया, पूछताछ, स्वास्थ्य -परीक्षण, निशुल्क डिस्पेंसरी, प्रकाशन, लाभ- हानि रहित कैंटीन स्वागत कच्छ एवं मीडियाकछ सहित अनेको

 

 

 

 

 कार्यालय बनाए गए थे।

मुख्य समागम पंडाल 600×240 फिट के साथ ही इससे कहीं ज्यादा खुले क्षेत्र को रिजर्व किया गया था। समागम स्थल की आंतरिक एवं बाहरी सुरक्षा संत जानकारी सेवादल के भाई और बहनों ने सोए संभाल रखी थी। स्थानीय पुलिस /प्रशासन को निरंकारी सेवादल ने भरपूर सहयोग प्रदान किया।

विजय कुमार गुप्ता
प्रयागराज

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