इकौना श्रावस्ती, महाशय धम्मा हाल प्रांगण में सदाशिव सेवा कल्याण समिति इकौना के सौजन्य से शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन रेनू गुप्ता पत्नी जितेन्द्र कुमार गुप्ता के अध्यक्षता में सोमवार की संध्या में आयोजित किया गया।

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इकौना श्रावस्ती,

महाशय धम्मा हाल प्रांगण में सदाशिव सेवा कल्याण समिति इकौना के सौजन्य से शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन रेनू गुप्ता पत्नी जितेन्द्र कुमार गुप्ता के अध्यक्षता में सोमवार की संध्या में आयोजित किया गया।

 

 

  जिसमें मुख्य अतिथि के रुप में डॉक्टर भूदेश्वर पांडे प्रधानाचार्य जगत जीत इंटर कॉलेज इकौना रहे तथा विशिष्ट अतिथि डॉक्टर सिम्मी तिवारी प्राचार्य स्वर्गीय चौधरी श्यामता प्रसाद महिला पीजी कॉलेज खरगौरा बस्ती तथा प्रिया पाठक खंड शिक्षा अधिकारी इकौना रही। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉक्टर पल्ली राधा कृष्ण के चित्र पर माल्यार्पण करके किया गया इस दौरान प्रधानाचार्य डॉक्टर भूदेश्वर पांडे ने कहा कि गुरू- शिष्य परंपरा हमारे देश में सदियों से चली आ रही है। इस परंपरा के अंतर्गत गुरु अपने शिष्य को शिक्षा देता है। गु शब्द का अर्थ अंधकार (अज्ञान) होता है और रू शब्द का अर्थ प्रकाश (ज्ञान) होता है। इस प्रकार जो अज्ञान का अंधकार मिटा कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं वही गुरु कहलाते हैं। गुरु का हमारे जीवन में बहुत ही बड़ा महत्व है जो की सर्वविदित है। प्राचार्य डॉ सिम्मी तिवारी ने कहा कि शिक्षक ईश्वर का दिया हुआ वह उपहार है जो हमेशा बिना किसी स्वार्थ के भेदभाव रहित स्वभाव से बच्चों को अच्छे बुरे का ज्ञान कराता है। माता-पिता के बाद शिक्षक की होता है जो बच्चों को एक सही रूप में ढ़ालने की नींव रखता है।

 

 

 

 

 

शिक्षक दिवस देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन के अवसर पर 5 सितंबर 1962 से शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।इस दिन सभी स्कूल और संस्थानों में बच्चे और युवा किसी उत्सव के रूप में शिक्षक दिवस मनाते हैं। सभी बच्चों के माता-पिता बच्चों की उनकी जरूरतों को पूरा करने में सहायता करते हैं लेकिन शिक्षक उनके अंदर आत्मविश्वास बढ़ाने में और उनका भविष्य करने में सहायता करते हैं लेकिन शिक्षक उनके अंदर आत्मविश्वास बढ़ाने में और उनका भविष्य निखारने में उनकी मदद करते हैं। समाज सेविका रेनू गुप्ता ने कहा कि बिना गुरू के ज्ञान नहीं होता यह एक कहावत ही नहीं सच्चाई है। उक्त अवसर पर क्षेत्र के सेवा मुक्त शिक्षक तथा कार्य रत शिक्षकों की लगभग 250 लोग मौजूद रहे । सभी शिक्षकों को अंग वस्त्र तथा प्रतीक चिन्ह भेट किया। जिसमें प्रमुख रूप से श्यामता प्रसाद उपाध्याय, सतेश्वर प्रसाद तिवारी, रामनरेश पांडे ,ताराचंद यादव, कामाक्षा प्रसाद पाठक, नरेश खोसला, राजकिशोर बर्मा, मोहन लाल पांडे, सुनील श्रीवास्तव, लक्ष्मी बाजपेई  आदि लोग मौजूद रहे।

शिवा जायसवाल
जिला संवाददाता श्रावस्ती

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