डिंडौरी म प्र……. अम्रत सरोवर के तालाब निर्माण में अनियमितता की नही हुई जॉच

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डिंडौरी म प्र…….

अम्रत सरोवर के तालाब निर्माण में अनियमितता की नही हुई जॉच

 

जनपद पंचायत करंजिया अंतर्गत ग्राम पंचायत जाड़ासुरूंग का मामला

खबर प्रकाषन के बाद भी नही जागे आरईएस विभाग के अधिकारी

 

 

 

डिंडौरी। एक तरफ प्रदेष के मुखिया भ्रष्टाचार एवं भ्रष्ट अधिकारियों को लेकर सख्त है,भ्रष्टाचार के मामलें में जीरो टॉरलेंस की दावे करते है वही डिंडौरी जिले में उनके मातहत अधिकारी सीएम के मंषा की खिल्ली उड़ाते हुए भ्रष्ट अधिकारियों को अभयदान देने में जुटे हैं।

 

केन्द्र एवं राज्य सरकार के महात्वाकांक्षी अम्रत सरोवर अभियान के तहत निर्माण कार्यो को आरईउस विभाग के उपयंत्री और उनके चहेते ठेकेदार गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य कराते हुए पूरी षिद्त से मटियामेंट करने में जुटे हुए है वही इन तमाम मामलो के उजागर होने के बावजूद भी जिला प्रषासन की मौन अनेको तरह की सवाल खडे कर रही हैं। जनपद पंचायत करंजिया अंतर्गत ग्राम पंचायत जाड़ासुरूंग में लगभग 42 लाख रू की लागत से अमृत सरोवर योजना के तहत आरईएस विभाग के द्वारा तालाब निर्माण कराया गया है,तालाब का निर्माण हाने के साथ ही मेढ़ के नीचे वाली हिस्सा से पानी तेजी से रिसाव हो रहा है, जिसकी जॉच करने में जिम्मेदारों के द्वारा कोताही बरती जा रही है। समय सीमा की बैठक के दौरान कलेक्टर रत्नाकर झा के द्वारा सबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यो की गुणवत्ता को लेकर लगातार मॉनिरिटिंग करने के निर्देष दिए जाते है,किंतु अधिकारियों के द्वारा निर्माण कार्य के दौरान कार्य की गुणवत्ता एवं मापदंडो की निरीक्षण नही किए जाने के कारण निर्माण ऐजेंसी मनमानी करते हुए बखौफ गुणवत्ताविहीन निर्माण करा शासन को पलीता लगा रहै है।

 

 *यह है मामला* 

 

अमृत सरोवर योजना के तहत लगभग 42 लाख रू की लागत से जाड़ासुरूंग के पोषक ग्राम बरेंडा के डोंगरी टोला में तालाब निर्माण कराया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त तालाब को उपयंत्री बिजेंद्र सारीवान एवं सहायक यंत्री सुरेंद्र सैयाम के द्वारा चहेते ठेकेदार के माध्यम से कराया गया है। जिसका भरपूर फायदा उठाते हुए ठेकेदार मापदंड को दरकिनार कर पूरी तरह से घटिया निर्माण करा लाखो रू का बंदरबाट किया जा रहा है। वहीं ठेकेदार और उपयंत्री की जोड़ी बरकरार होने के चलते निर्माण कार्यो में जमकर भृष्टाचार किया जा रहा है।

 

 

मापदंड को ठेंगा दिखा कराया घटिया निर्माण

ग्रामीणों के द्वारा बताया गया कि निर्माण ऐजेंसी के द्वारा तालाब के मेढ़ निर्माण के समय मेढ़ में डाली गई मिटटी को रोलर मषीन से न दबवाकर मजदूरों से ही लकड़ी के सहारे से कुटाई कराया गया है,जिससे तालाब की मेढ़ में डाली गई मिटटी के परत मजबूत नही है,जिसकी वजह से तालाब में लीकेज के चलते पानी लगातार बह रही है। गौरतलब है कि तालाब निर्माण के बाद से तालाब में बारिष का पानी लगभग 12 फिट उंचाई तक भरा हुआ था लेकिन गुणवत्ताहीन मेढ़ होने के वजह से फिलहाल पानी लीकेज के चलते पानी कर मात्रा कम हो गयी है,जो आने वाले कुछ दिनों में खाली हो जाएगा।

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