राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
सार्वजनिक कूप के जलस्तर में होगी वृद्धि
कटनी – राज्य शासन द्वारा चलाये जा रहे प्रदेशव्यापी जलगंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत कलेक्टर श्री दिलीप कुमार यादव के निर्देश पर जिले भर में जल संरचनाओं का निर्माण, संरक्षण व संवर्धन एवं जीर्णोद्धार किया जा रहा है।
इसी क्रम में जनपद पंचायत रीठी के ग्राम पंचायत बांधा के ग्राम ललितपुर में मनरेगा योजना के तहत 25 हजार रुपये की लागत से सार्वजनिक कूप रिचार्ज पिट स्वीकृत किया गया है। इस रिचार्ज पिट के निर्माण से ग्राम ललितपुर के सार्वजनिक कूप के जलस्तर में वृद्धि होगी।
रिचार्ज पिट कैसे काम करता है
रिचार्ज पिट में बारिश के पानी को इकट्ठा किया जाता है। इस पानी को फिल्टर करके धीरे-धीरे जमीन के अंदर रिसने दिया जाता है। यह प्रक्रिया भूमिगत जल स्तर को बढ़ाने में मदद करती है, जिससे कुएं, बोरवेल और हैंडपंप जैसे जल स्रोत सूखते नहीं हैं और उनमें पानी की उपलब्धता बनी रहती है।
रिचार्ज पिट बनाने की विधि एवं लागत
रिचार्ज पिट बनाने के लिए ऐसी जगह चुनें जहाँ बारिश का पानी इकट्ठा होता हो और जहाँ की मिट्टी पानी को रिसने दे। खेत के कोने या घर के पास की खुली जगह उपयुक्त हो सकती है। रिचार्ज पिट बनाने के लिए आमतौर पर 10Û10Û10 फीट (लंबाई, चौड़ाई, गहराई) का गड्ढा खोदा जाता है। गड्ढे में विभिन्न प्रकार की सामग्री की परतें बिछाई जाती हैं। जैसे सबसे नीचे बजरी या बड़े पत्थर की मोटी परत। उसके ऊपर छोटे पत्थर या गिट्टी की परत। फिर मोटी रेत की परत। कुछ जगहों पर जियोटेक्सटाइल का भी उपयोग किया जाता है ताकि महीन कण नीचे न जा पाएं।
रिचार्ज पिट बनाने का खर्चा उसके आकार, गहराई, इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री और जगह पर निर्भर करता है। आमतौर पर एक मानक रिचार्ज पिट बनाने में लगभग 22 हजार से 55 हजार रूपये तक का खर्च आ सकता है। मनरेगा जैसी सरकारी योजनाओं के तहत भी इसका निर्माण किया जाता है, जिससे लागत कम हो सकती है।।