रीवा ब्यरो चीफ रिप्पू पाण्डेय
रीवा जिले के विद्युत वितरण केंद्र बदराव, पूर्व संभाग रीवा अंतर्गत रामनई फीडर से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां पदस्थ आउटसोर्स कर्मचारी लाइनमैन राकेश तिवारी का एक कथित ऑडियो सोशल media पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल ऑडियो में कथित तौर पर लाइनमैन बिजली सुधार कार्य के लिए परमिट और बिजली बंद करने के एवज में पैसे की मांग करते सुनाई दे रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, ग्राम सिरखिनी में बिजली लाइन खराब होने के कारण पूरे गांव की बिजली सप्लाई ठप हो गई थी। गांव करीब 2 घंटे तक अंधेरे में डूबा रहा। गर्मी और उमस से लोग परेशान रहे। इसी दौरान बिजली सुधार कार्य के लिए विभागीय स्टाफ एवं ग्रामीणों ने लाइन बंद कराने और परमिट जारी करने की मांग की, ताकि सुरक्षित तरीके से सुधार कार्य हो सके।
आरोप है कि इसी दौरान आउटसोर्स कर्मचारी लाइनमैन राकेश तिवारी ने पहले पैसे की मांग की और कहा— “कुछ खर्च मिलेगा क्या…”। जब विभागीय स्टाफ एवं ग्रामीणों ने पैसे देने से साफ इनकार कर दिया, तो कथित रूप से उसने दबंगई दिखाते हुए कह दिया— “अभी न परमिट दूंगा, न बिजली बंद करूंगा…”। इस कथित बयान के बाद गांव में हड़कंप मच गया और लोग अंधेरे में परेशान होते रहे।
ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली जैसी अत्यावश्यक सेवा को लाइनमैन ने अपनी निजी कमाई का जरिया बना लिया है। इतना ही नहीं, सूत्रों के मुताबिक वायरल ऑडियो में लाइनमैन की आवाज शराब के नशे में प्रतीत हो रही है। आरोप है कि वह शराब पीकर अभद्र भाषा और तानाशाही भरे अंदाज में बात कर रहा था। ड्यूटी के दौरान नशे में इस तरह की हरकत न सिर्फ विभागीय अनुशासन का उल्लंघन है बल्कि जनता की सुरक्षा के साथ भी सीधा खिलवाड़ है।
ग्रामीणों ने कार्यपालन यंत्री पूर्व संभाग रीवा, एसडीओ बदराव और उच्च अधिकारियों से मांग की है कि वायरल ऑडियो की निष्पक्ष जांच कर दोषी कर्मचारी पर कठोर कार्रवाई की जाए। अब देखना होगा कि विभाग इस मामले में सख्ती दिखाता है या फिर हमेशा की तरह मामले को दबा दिया जाएगा। फिलहाल पूरे क्षेत्र में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है।