अकरम खान पटेल की रिपोर्ट
बैतूल। जागरूकता से शिशु मृत्यु दर कम करने और कुपोषण से बचा जा सकता है। इसी उद्देश्य को लेकर शासकीय कन्या शाला गंज के सभाकक्ष में कलेक्टर के निर्देशानुसार महिला एवं बाल विकास विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग शहरी क्षेत्र की संयुक्त बैठक संपन्न हुई। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग जिला गौतम अधिकारी द्वारा अत्याधिक तीव्र कुपोषित बच्चों के नियमित फॉलोअप, नवीन चिन्हित बच्चों की स्वास्थ्य जांच एवं आवश्यकता अनुरूप दवाई प्रदाय एवं पोषण पुनर्वास केंद्र भर्ती सुनिश्चित करना, एनीमिया रोकथाम, शिशु मृत्यु दर एवं मातृ मृत्यु दर में कमी लाने हेतु दोनों विभागों के कर्मचारी गणों को संयुक्त रूप से कार्य करने एवं गर्भवती माताओं के आईएफए टैबलेट के सेवन को अपने समक्ष सुनिश्चित करने के संबंध में दिशा निर्देश प्रदाय किए। उन्होंने कहा कि कुपोषण के प्रति जागरूकता जरूरी है। परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास बैतूल शहर निरंजन सिंह डोडवे द्वारा समुदाय स्तर पर उपचार एवं पोषण प्रबंधन कार्यक्रम के समस्त 10 चरणों सफल क्रियान्वयन के लिए आशा, एएनएम और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के परस्पर समन्वय से मिलकर कार्य करने के महत्व पर जोर दिया। साथ ही कुपोषण में कमी लाने हेतु बच्चों की नियमित रूप से वृद्धि निगरानी के कार्य का संचालन एवं वजन के पैमाने के आधार पर पूरक पोषण आहार प्रदाय करने के लिए निर्देशित किया गया। स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों पर उपलब्ध दवाइयां एमोक्सिसिलिन की खुराक आवश्यकता अनुरूप प्रदाय करने के महत्व से अवगत कराया गया। बैठक में डीसीएम स्वास्थ्य विभाग बैतूल कमलेश मसीह द्वारा वर्ष में दो बार अप्रैल माह एवं सितंबर माह में किए जाने वाले एबीसीडी सर्वे एवं इसी के साथ एमआर 1 एवं एमआर 2 सर्वे की जानकारी सांझा की गई। इसके साथ आईएमआर एवं एमएमआर में कमी लाने हेतु गर्भवती माता के शीघ्र पंजीयन एवं फॉलिक एसिड के सेवन एवं उचित तरीके से स्तनपान करवाए जाने की जानकारी गर्भवती माता के साथ साझा करने के महत्व को समझाया गया तथा एचएनबीसी विजिट एवं एचबीवाईसी विजिट की जानकारी दी। बैठक में डीपी स्वास्थ्य विभाग विनोद कुमार शाक्य के द्वारा गर्भवती माता में सबसे ज्यादा एनीमिया पाए जाने जो कि गर्भावस्था में उच्च जोखिम युक्त होता है इसलिए इसकी पहचान कर प्रबंध किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया गया। ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी बैतूल डॉ.केदार सिंह जाटव द्वारा आईएमआर एवं एमएमआर में कमी लाने के लिए गर्भावस्था के हाई रिस्क फैक्टर पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई एवं चिन्हित हाई रिस्क गर्भवती महिला की नियमित रूप से चारों जांच करने एवं 0 से 6 वर्ष के बच्चों के दुबलापन, नाटापन एवं प्रोटीन तथा कार्बोहाइड्रेट दोनों की कमी से होने वाले कुपोषण और निमोनिया की पहचान की विस्तृत जानकारी से अवगत कराया गया। एपीएम शहरी क्षेत्र प्रकाश मकोड़े द्वारा टीबी की स्क्रीनिंग कराई जाने संबंधी कार्यक्रम एवं सुमन सुखी चैट बोट नंबर 9770905942 के माध्यम से व्हाट्सएप पर महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करने संबंधी जानकारी से अवगत कराया।