किशोर कुमार छत्तीसगढ़ स्टेट रिपोर्टर इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
रायपुर।
छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत स्वीकृत लगभग 14 हजार आवासों का निर्माण अब भी अधूरा है। यदि इन आवासों का निर्माण कार्य सितंबर तक पूरा नहीं हुआ, तो हजारों परिवारों का पक्का घर पाने का सपना अधर में लटक सकता है।
ग्रामीण विकास विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में बड़ी संख्या में हितग्राहियों को आवास स्वीकृत किए गए थे, लेकिन विभिन्न कारणों से कई मकानों का निर्माण अब तक पूरा नहीं हो सका है।
केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित समयसीमा के भीतर निर्माण पूरा नहीं होने पर योजना की अगली किश्त और अन्य प्रक्रियाएं प्रभावित हो सकती हैं।
सरकार और प्रशासन ने अधूरे आवासों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन, जनपद पंचायतों और संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा हितग्राहियों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।
अधिकारियों का कहना है कि जिन हितग्राहियों ने निर्माण कार्य शुरू नहीं किया है या बीच में रोक दिया है, उन्हें जल्द से जल्द निर्माण पूरा करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। समयसीमा के भीतर कार्य पूरा नहीं होने पर कई परिवारों को योजना का पूरा लाभ मिलने में दिक्कत आ सकती है।
प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। ऐसे में सितंबर की समयसीमा से पहले अधूरे मकानों का निर्माण पूरा करना प्रशासन और हितग्राहियों दोनों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।