उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ सेना की सतर्कता और स्थानीय पुलिस ने मिलकर एक हाई-प्रोफाइल जालसाज को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को भारतीय सेना का ‘ब्रिगेडियर’ बताकर रौब झाड़ रहा था। सेना के अधिकारियों की मुस्तैदी के कारण शुक्रवार (12 जून 2026) को इस फर्जी ब्रिगेडियर के खेल का भंडाफोड़ हो गया।
गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी की पहचान आर्यन वर्मा (पुत्र अनिल वर्मा) के रूप में हुई है, जो शाहजहाँपुर के थाना रोजा क्षेत्र का रहने वाला है।आरोपी बेहद शातिर तरीके से पूरी तैयारी के साथ घूमता था ताकि किसी को भी उस पर शक न हो। गिरफ्तारी के वक्त उसके पास से भारी मात्रा में फर्जी सामान बरामद किया गया है।आरोपी के पास से जो सामान बरामद हुआ उसमे नकली आईडी कार्ड सेना के उच्च अधिकारी का जाली पहचान पत्र।नकली हथियार एक नकली पिस्तौल, जिसका इस्तेमाल वह धौंस जमाने के लिए करता था।लक्जरी कार और ड्राइवर वीआईपी मूवमेंट दिखाने के लिए एक निजी कार और ड्राइवर।दो फर्जी ‘कमांडो’ आरोपी ने अपने साथ दो बाउंसर रख रखे थे, जिन्हें वह लोगों के सामने अपने ‘कमांडो’ और सुरक्षाकर्मी बताता था।सूत्रों के मुताबिक, आरोपी आर्यन वर्मा सेना की वर्दी और नकली ब्रिगेडियर के रसूख का इस्तेमाल कर इलाके में रौब जमा रहा था और कई लोगों को ठगने की फिराक में था। सैन्य खुफिया (Military Intelligence) और स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों को इसके हाव-भाव और गतिविधियों पर शक हुआ। जब कड़ी पूछताछ की गई, तो आरोपी कोई भी वैध दस्तावेज या अपनी पोस्टिंग से जुड़े सबूत पेश नहीं कर पाया, जिसके बाद उसका भंडाफोड़ हो गया।थाना रोजा पुलिस ने आरोपी आर्यन वर्मा और उसके साथियों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने फर्जी आईडी कार्ड, गाड़ी और नकली पिस्तौल को जब्त कर लिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी ने इस फर्जी पहचान के जरिए अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और क्या इस रैकेट में कुछ और लोग भी शामिल हैं।
रिपोर्ट:शुऐब खान ब्योरो चीफ़ बरेली मण्डल