गोंडवाना की आन- बान और शान गोंड वीरांगना महारानी दुर्गावती ने मुगलों से लड़कर देश की रक्षा करते हुए अपने गोंडवाना के लिए बलिदान हो गईं।
कुशीनगर जनपद के पडरौना नगर के पडरौना- जटहाँ मार्ग स्थित स्वामी विवेकानंद नगर वार्ड संख्या -6 के आयुष्मान आरोग्य मंदिर के समीप बरिष्ठ समाजसेवी जुगनू कुमार गोंड जी के आवास पर आज अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ, जनपद शाखा – कुशीनगर के तत्वाधान में,गोंडवाना की आन – बान और शान, गोंड सम्राग्यी महारानी दुर्गावती जी का 502 वीं जयंती बड़े ही धूमधाम और हर्षोंउल्लास के साथ मनाया गया, जिसके मुख्य अतिथि अ. भा. गों. आदि. संघ के प्रदेश महासचिव विन्देश्वरी प्रसाद गोंड, विशिष्ट अतिथि जिला संरक्षक एवं रास्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य गिरजेश प्रसाद गोंड, कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष गोरख प्रसाद गोंड एवं कार्यक्रम का सफल संचालन जिला महासचिव मनोज कुमार गोंड ने किया। इस कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्रदेश महासचिव विन्देश्वरी प्रसाद गोंड ने कहा कि आज गोंड वीरांगना महारानी दुर्गावती जी जा 502 वीं जयंती है, इसी माह के पवित्र महीना नवरात्रि के दुर्गा अष्टमी के दिन 5 अक्टूबर को महारानी दुर्गावती जी का जन्म उत्तर प्रदेश के बाँदा जिला ( महोबा) के कालिंजर दुर्ग (किला ) में चंदेल वंश के महाराजा कीर्ति वर्मन (दुतीय ) किरत राय के यहाँ हुआ था, यह जन्म से ही शस्त्र विद्या में निपुण थीं, इनके पिता किरत राय ने ही स्वयं इनको शस्त्र विद्या की दीक्षा दी थी, इनका विवाह मध्य प्रदेश के जबलपुर के गोंड राजा दलपत शाह के साथ हुआ था, इनके एक पुत्र थे, जिनका नाम वीर नारायण था, विवाह के कुछ दिनों बाद महाराज दलपत शाह की असमय मृत्यु हो गई, पति की मृत्यु के बाद जबलपुर की शासिका बनीं और उस समय के मुगल शासक अकबर की सेना से 51 बार युद्ध लड़ी और विजय प्राप्त की लेकिन 52 वीं बार की युद्ध में अपने बीच के गद्दारों के अकबर की सेना से मिल जाने के कारण युद्ध को हारते हुए देखकर अपने ही खंजर से अपने सीने में उतारकर वीरगति को प्राप्त हो गयीं, लेकिन मुगलों के हांथो मरना पसंद नहीं किया। ऐसी गोंड शेरनी, गोंड वीरांगना, महारानी दुर्गावती जी के जयंती पर हमारा गोंड समाज आज श्रदांजलि अर्पित करता है, और हम उम्मीद करते हैं कि जबतक हमारे गोंडवाना के वंशज इस धरती पर रहेंगे, तबतक महारानी दुर्गावती का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाता रहेगा। इस कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए जिला संरक्षक गिरजेश प्रसाद गोंड ने कहा कि आज भी हमारे समाज को महारानी दुर्गावती जैसे गोंड वीरांगनाओं की जरुरत है, जबतक हमारे समाज से मानसिक, आर्थिक,शारीरिक, शैक्षणिक,और धार्मिक रूप से गुलामी नहीं जाएगी तबतक हमलोग अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकते है, इसके लिए सबसे जरुरी है, मानसिक गुलामी से ऊपर उठकर ही उच्च शिक्षा के जरिये हमलोग अपने समाज को एक नई दिशा और दशा को तय कर महारानी दुर्गावती जी के सपनों को साकार कर सकते हैं। जिलाध्यक्ष गोरख प्रसाद गोंड ने इस कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि महारानी दुर्गावती जी के आदर्शो पर चलकर ही हमारा समाज गोंडवाना राज्य की कल्पना को साकार कर सकता है, इसके लिए सामाजिक एकरूपता एवं एकजुटता जरुरी है। तभी जाकर हम एक अच्छे समाज और संगठन का निर्माण कर सकते हैं। इस कार्यक्रम को प्रमुख रूप से प्रदेश विधिक सलाहकार ब्रजनारायण प्रसाद गोंड, जिला उपाध्यक्ष बिनोद प्रसाद गोंड, व्यास गोंड हिंदुस्तानी,जुगनू कुमार गोंड, राकेश कुमार गोंड, बृजकिशोर गोंड, मनीष कुमार गोंड आदि ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से अरविन्द कुमार गोंड, हृदयानन्द गोंड,शैलेश गोंड, मार्काण्डेय गोंड, रामदुलारे गोंड, संजय गोंड, विजय कुमार गोंड, दिलीप कुमार गोंड आदि लोग उपस्थित रहे।
Reporter-दुर्गेश विश्वकर्मा