बाल सुरक्षा, कानूनी अधिकारों और सुरक्षित शैक्षणिक माहौल की दी जानकारी, विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का संदेश
डीग, 13 अक्टूबर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, डीग के तत्वावधान में मंगलवार को जिले के छह विद्यालयों में ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे’ (Transformative Tuesday) विशेष जागरूकता अभियान के तहत विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को बाल सुरक्षा, कानूनी अधिकारों तथा सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण के प्रति जागरूक करना रहा।
अभियान की थीम “सुरक्षित स्थान, जहां सपनों को पंख मिलते हैं—अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं, अपनी सुरक्षा के लिए मजबूती से खड़े रहें। जहां शिक्षा होती है, वहां कोई बच्चा असुरक्षित नहीं होना चाहिए” रही। इसके तहत न्यायिक अधिकारियों ने विभिन्न विद्यालयों का दौरा कर विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विद्यालय स्टाफ को बाल अधिकारों, सुरक्षा उपायों और कानूनी सहायता के प्रावधानों की जानकारी दी।
राजकीय किशनलाल जोशी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, डीग: जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री उपेंद्र शर्मा तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री रामकिशन शर्मा ने विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया। इस दौरान लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम (LADCS) के डिप्टी चीफ श्री राजेंद्र शर्मा भी उपस्थित रहे। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालय ऐसा सुरक्षित प्रांगण होना चाहिए, जहां बच्चे बिना किसी भय के अपने सपनों को साकार कर सकें। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या असुरक्षा की स्थिति में आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया।
डीग गुप्ता सीनियर सेकेंडरी स्कूल, डीग: अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्रीमती सरोज मीणा ने जागरूकता शिविर आयोजित कर छात्र-छात्राओं को बाल अधिकारों एवं सुरक्षा मानकों की जानकारी दी। इस दौरान श्री विनोद कुमार शर्मा भी उपस्थित रहे।
राजकीय लाला मनोहर लाल खंडेलवाल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, डीग: मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती रेनू सकीत ने विद्यार्थियों को विधिक जागरूकता, कानूनी अधिकारों तथा उपलब्ध सहायता तंत्र की जानकारी प्रदान की।
महात्मा गांधी राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, डीग: अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, डीग द्वारा विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में विद्यार्थियों को सुरक्षित रहने तथा अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के उपाय बताए गए। इस दौरान कनिष्ठ सहायक श्री बलराम शर्मा भी मौजूद रहे।
ग्रामीण बी.एस.एस. सीनियर सेकेंडरी स्कूल, परमंदरा: सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती भाविका कोहलरी ने शिविर आयोजित कर विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों एवं सुरक्षा उपायों से अवगत कराया।
स्वतंत्रता सेनानी श्री राम सिंह राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, परमंदरा: किशोर न्याय बोर्ड (JJB) की प्रधान मजिस्ट्रेट सुश्री कुसुम मीणा ने विशेष जागरूकता शिविर का संचालन किया। इस दौरान बच्चों को सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण तथा उनसे संबंधित विधिक प्रावधानों की जानकारी दी गई।
बाल सुरक्षा कानूनों और निःशुल्क विधिक सहायता की दी जानकारी
शिविरों के दौरान न्यायिक अधिकारियों ने लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पोक्सो एक्ट), बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, बाल श्रम निषेध से संबंधित कानूनी प्रावधानों तथा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) और राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (RALSA) की निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही हेल्पलाइन नंबरों और चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 की कार्यप्रणाली के बारे में भी विस्तार से बताया गया।
अभियान के दौरान विद्यालयों के प्राचार्यों, शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। शिविरों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, असुरक्षित परिस्थितियों में आवाज उठाने तथा आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध कानूनी सहायता प्राप्त करने का संदेश दिया गया।