प्रजापति समाज के आराध्य देव श्री काशी बाबा दिवसीय वार्षिक मेला समारोह शुरू मेले में श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब
श्री काशीबाबा देव स्थान ग्राम गूंजना बेहट में प्रजापति समाज के काशीबाबा ने लगभग 500 साल पहले रंग पंचमी के दिन समाधी ली तब से चतुर्थी एवं पंचमी के दिन मेला लगता है जहाँ पर प्रजापति समाज के सम्पूर्ण भारत वर्ष से प्रजापति समाज के लोग वहाँ आकर अपनी अपनी मनोकामनायें माँगते है। काशीबाबा देव स्थान पर दो दिन देशी घी में भंडारा चलता है। एकबार भण्डारे में घी कम पड़ गया तब किसी भक्त के ह्रदय में बाबा आये उन्होंने कहा कि बगल में जो झिलमिल नदी है उसमें से जितना घी चाहिये उतना पानी लाकर कड़ाह में दाल दो जिससे घी में पुआ बनाये लेकिन उन्होंने यह भी कहा जब भंडारा पूर्ण हो हो जाये तो उतना ही घी नदी में डालना और भंडारा पूर्ण होने के बाद उतना ही घी झिलमिल नदी में डालना पड़ा। एक बार जीवाजी राव सिंधिया शिकार खेलने गए तब वहां से उनका रथ गुजर रहा था तब वहाँ आकर रथ खराब हो गया तब उन्होंने उनकी समाधी के ऊपर जो बेरिया का पेड़ लगा है वँहा से लकड़ी तोड़ कर रथ में लगाली तब रथ आगे नही चल रहा तो उन्होंने बाबा से गलती क्षमा माँगी और एक धर्मशाला का निर्माण कराया ऐसी कई कथाएँ है। मेले में काशीबाबा के अध्यक्ष प्रहलाद प्रजापति, प्रजापति समाज ग्रेटर ग्वालियर के अध्यक्ष सुरेश प्रजापति, सचिव जवाहर प्रजापति, टिल्लू बाबा के अध्यक्ष बलराम प्रजापति, कोषाध्यक्ष आनन्द प्रजापति, अदिराम प्रजापति, रामबाबू प्रजापति,मातादीन प्रजापति,बल्ले प्रजापति, जगमोहन प्रजापति, कमल प्रजापति, आदि सेंकडों समाज सेवी अपनी सेवाएं देते है।