बिलासपुर. गौवंशों को बचाने और हादसे रोकने के प्रशासनिक दावों के बीच बीती रात कई गौवंशों को कुचले जाने की खबर सामने आई है। तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने सड़क पर बैठे 20 से ज्यादा मवेशियों को कुचल दिया, जिससे 17 गायों की मौत हो गई। वहीं 4 मवेशी घायल हो गए। यह घटना रतनपुर थाना क्षेत्र की है।
रतनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बारीडीह में नंदलाल पेट्रोल पंप के पास सड़क पर 20 से ज्यादा मवेशी बैठे थे। रतनपुर की तरफ से आ रहे तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने सड़क पर बैठे मवेशियों को अपनी चपेटे में ले लिया।
हादसे को देखकर ऐसा लगता है जैसे ड्राइवर ने ब्रेक लगाए बिना ही मवेशियों को कुचलते हुए गाड़ी आगे बढ़ा दी, जिससे 17 मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं 4 मवेशी बुरी तरह से घायल हुए हैं। घटना की सूचना पर रतनपुर पुलिस मामला दर्ज कर अज्ञात वाहन चालक की तलाश में जुटी
इन बेजुबान मवेशियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है ?
गौ रक्षा की जिम्मेदारी मुख्य रूप से गाय के मालिक की होती है, लेकिन यह एक सामूहिक जिम्मेदारी भी है। इसमें समाज और सरकार की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।
1.मालिक की जिम्मेदारी:
गाय का मालिक होने के नाते, उसकी देखभाल, सुरक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान रखना प्राथमिक जिम्मेदारी है।
2.सामूहिक जिम्मेदारी:
गौ माता को भारतीय संस्कृति में पवित्र माना जाता है, इसलिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को उनकी रक्षा के लिए प्रयास करना चाहिए।
3.सरकार की भूमिका:
सरकार को गौ रक्षा के लिए कानून बनाने और उन्हें लागू करने की आवश्यकता है। इसके साथ ही, गौशालाओं को सहायता प्रदान करना और गौवंश के संरक्षण के लिए नीतियां बनाना भी सरकार की जिम्मेदारी है।
रिपोर्ट, किशोर कुमार
दुर्ग छत्तीसगढ़
ब्यूरो चीफ