गाँधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता दीपक बामनिया जल्द इस मुद्दे पर अनशन करेंगे और देश के युवाओं को जागरूक करेंगे। युवाओं की चेतावनी: पेंशन न रुकी तो बड़े प्रदर्शन! सरकार सुनेगी?
दिल्ली, 11 सितंबर 2025: भारत में पूर्व सांसदों (ex-MPs) और विधायकों (ex-MLAs) की पेंशन पर विवाद छिड़ा हुआ है। पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने राजस्थान के पूर्व विधायक के रूप में 35,000 रुपये मासिक पेंशन के लिए आवेदन किया, जिससे उनकी कुल पेंशन 2.87 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। एडीआर रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान सांसदों की औसत संपत्ति 46 करोड़ रुपये से अधिक है, फिर भी कई पूर्व नेता ड्यूल पेंशन ले रहे हैं। क्या यह जनता के पैसे की लूट नहीं? विशेषज्ञों का कहना है कि 2019 से यह बहस चल रही है, लेकिन सरकार चुप है।वर्तमान सांसदों और विधायकों की संपत्ति:लोकसभा (543 सदस्य): औसत संपत्ति ₹46.34 करोड़, कुल अनुमानित ₹25,162 करोड़।
राज्यसभा (245 सदस्य): कुल संपत्ति ₹19,602 करोड़।
कुल सांसद (788): ₹44,764 करोड़।
विधायक (4,092): औसत ₹17.92 करोड़, कुल ₹73,348 करोड़ (कर्नाटक सबसे ऊपर ₹14,179 करोड़)।
पूर्व सांसदों की कोई आधिकारिक संख्या नहीं, अनुमानित 1,500-2,000 पेंशनभोगी। पूर्व विधायकों की संख्या 10,000-20,000 के बीच, पेंशनभोगी कम। पेंशन राशि: सांसदों के लिए ₹31,000/माह (एक कार्यकाल), विधायकों के लिए ₹25,000-₹50,000/माह राज्यवार।वार्षिक व्यय अनुमान:पूर्व विधायकों पर: हजारों करोड़ (उदाहरण: हरियाणा ₹30 करोड़, राजस्थान ₹26 करोड़)।
कुल अनुमान: ₹5,400 करोड़/वर्ष (15,000 पेंशनभोगियों पर)।
अब तक कुल खर्च: पूर्व सांसदों पर ₹1,500 करोड़, पूर्व विधायकों पर ₹40,000 करोड़ – कुल ₹41-42 हजार करोड़ (1976 से)।
वर्तमान सांसदों का वेतन और लाभ: मूल वेतन ₹1.24 लाख/माह (2025 में 24% बढ़ोतरी), भत्ते ₹1.3 लाख+, कुल पैकेज ₹2.5-4 लाख/माह।बेरोजगार युवा इस मुद्दे पर राष्ट्रीय आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर मांग उठ रही है कि पेंशन का पैसा सरकारी अस्पतालों, स्कूलों और बुनियादी सुविधाओं पर खर्च हो। युवाओं की चेतावनी: अगर पेंशन न रुकी, तो बड़े प्रदर्शन! क्या सरकार सुनेगी?
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