रोहट में डीएमआईसी प्रोजेक्ट के लिए किसानों को उचित मुआवजा और ओरण-गोचर भूमि बचाने की मांगपाली, 14 सितंबर 2025: रोहट पंचायत की प्रधान श्रीमती सुनीता कंवर राजपुरोहित ने डीएमआईसी (दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर) प्रोजेक्ट के तहत अधिग्रहित हो रही कृषि भूमि के लिए किसानों को उचित मुआवजा दिलाने और ओरण-गोचर की जमीन को अधिग्रहण से मुक्त रखने की जोरदार मांग की है। उन्होंने इसे किसानों के साथ सरासर अन्याय करार देते हुए कहा कि सरकार उद्योगों के नाम पर कम मुआवजे में जमीन हड़पने की तैयारी कर रही है।रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्तरीय डीएलएसी (डिस्ट्रिक्ट लैंड एक्विजिशन कमेटी) बैठक में प्रधान राजपुरोहित ने उपस्थित कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की कि वर्तमान बाजार भाव के अनुसार डीएलसी (डिस्ट्रिक्ट लेवल कमेटी) दरें बढ़ाई जाएं और किसानों को उसका चार गुना मुआवजा दिया जाए। इसके अलावा, अधिग्रहित भूमि का 25 प्रतिशत विकसित जमीन किसानों को लौटाई जाए।प्रधान ने कहा कि मुख्य सड़क से एक किलोमीटर दूर डीएलसी दरें बहुत कम हैं, जो खेती पर निर्भर किसानों के लिए अन्यायपूर्ण है। साथ ही, गौचर और ओरण की जमीन का अधिग्रहण गलत है, क्योंकि इससे खेती के साथ-साथ पशुपालन भी खत्म हो जाएगा। क्षेत्र में हिरणों की बड़ी संख्या को देखते हुए पशुओं के चरने और हिरणों के विचरण के लिए इन भूमियों को अधिग्रहण से मुक्त रखा जाए। आबादी के आसपास सिवायचक या अन्य जमीन जहां वर्षों से लोग मकान और ढाणियां बनाकर रह रहे हैं, उनका नियमन कर इन्हें भी बचाया जाए।ज्ञापन में प्रदूषण-रहित उद्योग लगाने और स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता देने की भी मांग की गई। जिला कलेक्टर को सौंपे गए अलग ज्ञापन में डीएमआईसी भूमि अधिग्रहण में किसानों के साथ न्याय करने, अतिवृष्टि से खराब हुई फसलों का मुआवजा तथा गत-विगत वर्षों के बकाया बीमा क्लेम और अनुदान दिलाने की अपील की गई।यह मांग क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां डीएमआईसी प्रोजेक्ट के कारण सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि प्रभावित हो रही है।#DMIC #Rohat #Pali #LandAcquisition #KisanAndolan #RajasthanNews #SunitaKanwarRajpurohit #भूमि_अधिग्रहण #किसान_मुआवजा
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