संवाददाता विकास विश्वकर्मा शहडोल
बैठक में कमिश्नर ने अधिकारियो को निर्देश दिए कि शहडोल संभाग में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने हेतु गर्भवती माताओं का शत-प्रतिशत पंजीयन कराया जाए। पंजीयन के पश्चात गर्भवती माताओं की नियमित जांच की जाए, उन्हें जांच के अनुसार आवश्यक दवाएं एवं पोषण आहार भी उपलब्ध कराना सुनिष्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अनावश्यक रूप से प्रसव वाले प्रकरण अन्य स्थानों के लिए रेफर नहीं किए जाएं, हाई रिस्क गर्भवती माताओं की विशेष रूप से मानीटरिंग की जाए।
आयुक्त शहडोल संभाग ने एनसीडी कार्यक्रम के तहत 30 वर्ष से अधिक उम्र वाले लोगों की सुगर एवं उच्च रक्तचाप की नियमित जांच कराने, राष्ट्रीय वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम हेतु स्वास्थ्य विभाग के प्रोटोकाल का पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के तहत स्क्रीनिंग कराने निक्षय मित्र के माध्यम से नियमित दवाओं की खुराक लेने तथा पोषण बास्केट का वितरण कराने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए पीड़ित लोगों का चिन्हांकन करनें तथा नियमित एवं शिविर लगाकर उपचार के निर्देश दिए।
आयुक्त ने कहा कि सभी जिलों में कुपोषित एवं अतिकुपेाषित बच्चों के उपचार हेतु एनआरसी संचालित हैं। एनआरसी में उपलब्ध बेड के अनुसार चिन्हित कुपोषित एवं अतिकुपोषित बच्चों को भर्ती कराएं तथा डिस्चार्ज के बाद भी फॉलोअप करके रिकवरी दर में वृद्धि करें।
सिकल सेल एनीमिया की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने निर्देश दिए कि स्क्रीनिंग की संख्या बढ़ाई जाए तथा चिन्हित रोगियों को नियमित उपचार तथा सावधानियों के संबंध में जागरूक भी करें।
उन्होंने कहा कि 108 एम्बुलेंश वाहन तथा जननी सुरक्षा योजना के वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। वाहनों के रिस्पांस कॉल तथा उपयोग की मानीटरिंग की जाए। शासकीय अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जाए। सभी एक्स-रे मशीनें तथा पैथालॉजी जांच की मशीनें चालू हालत में रहें। अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में दवाईयां उपलब्ध रहें, इसकी नियमित मानीटरिंग की जाए।
आयुक्त ने निर्देश दिए कि आयुष्मान योजना के तहत पात्र शत-प्रतिशत लोगों के आयुष्मान कार्ड अनिवार्य रूप से बन जाएं। उन्होने 70 वर्ष से अधिक उम्र वाले लोगों के भी आयुष्मान कार्ड का लक्ष्य पूरा करने के भी निर्देश दिए । बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी शहडोल डॉ. राजेश मिश्रा, अनूपपुर डॉ. आर के वर्मा, उमरिया डॉ. सीके चन्देल, सिविल सर्जन डॉ. शिल्पी सराफ, तथा संभाग भर के बीएमओ उपस्थित रहे।