✍किशोर कुमार दुर्ग छत्तीसगढ़ ब्यूरो चीफ इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
विश्व मानव अधिकार परिषद के द्वारा एक पहल विकलांग महिलाओं को बैसाखी नि:शुल्क उपलब्ध कराएंगे रायगढ़ जिला छत्तीसगढ़
विकलांग’, ‘अक्षम’, ‘कमज़ोर’, ‘अशक्त’ और ‘अपंग’ जैसे शब्द रोज़मर्रा के समाज में इस्तेमाल होते रहे हैं, और हाल ही में इन्हें उस नकारात्मक दृष्टि से देखा जाने लगा है ।
शारीरिक विकलांगता , उदाहरण के लिए यदि आपको बैसाखी, व्हीलचेयर या विशेष सहायक का उपयोग करना पड़ता है। ऐसे ही कुछ विचारों समस्याओं पर ।
विश्व मानवाधिकार परिषद के द्वारा रायगढ़ जिला छत्तीसगढ़ ने एक छोटा सा प्रयास आरंभ किया है ।
विश्व मानव अधिकार परिषद के द्वारा बैकुंठपुर निवासी रायगढ़ की विकलांग महिला जिन्हें काफी समय से बैसाखी की आवश्यकता थी ।
पर वह बहुत प्रयासों के बाद भी नहीं ले पा रही थी। इनका विकलांग सर्टिफिकेट भी नहीं बन पाया था । जिसकी जानकारी हमारी विश्व मानव अधिकार परिषद रायगढ़ महिला टीम को ज्ञात हुआ।
उस महिला से मुलाकात की उन्हें कार्यालय उपसंचालक समाज कल्याण विभाग के माननीय श्री उग्रसेन पटेल जी के द्वारा प्रमाण पत्र सहित बैसाखी भी दिलाई इस कार्य में मुख्य रूप से विश्व मानव अधिकार परिषद छत्तीसगढ़ राज्य उपाध्यक्ष तनुश्री डे, जिला अध्यक्ष श्वेता शर्मा, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष सोनल राजपूत, जिला समन्वयक जयंती मजूमदार, सदस्य बिना देवांगन एवं युवा जिला अध्यक्ष पूजा देवांगन ने उपस्थित होकर इस कार्य को पूर्ण किया । तथा यह भी कहा कि हम ऐसे लोगों की जो निर्धन एवं निशहाय दिव्यांग महिलाओं को हम हर समय आगे बढ़कर उनकी सहायता का संपूर्ण प्रयास करेंगे ।