वाराणसी में IREF का चतुर्थ राष्ट्रीय अधिवेशन, OPS बहाली और निजीकरण के खिलाफ संघर्ष का शंखनाद
Indian tv news /ब्यूरो चीफ. करन भास्कर चन्दौली उत्तर प्रदेश
इंडियन रेलवे एम्प्लॉयी फेडरेशन (IREF) का चतुर्थ त्रिवार्षिक राष्ट्रीय अधिवेशन आज 21 सितम्बर को वाराणसी के इन्द्रप्रस्थ सामुदायिक भवन, न्यू लोको कॉलोनी, लहरतारा में आयोजित हुआ। अधिवेशन में देशभर के 15 जोन और 5 उत्पादन इकाइयों से सक्रिय प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
OPS बहाली और निजीकरण विरोध अधिवेशन का मुख्य एजेंडा
खुले सत्र में संगठन के महासचिव सर्वजीत सिंह ने कहा कि रेलवे कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए IREF अग्रिम पंक्ति में संघर्षरत है। उन्होंने साफ कहा कि OPS बहाली की लड़ाई अटल और निर्णायक होगी तथा NPS/UPS किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं होगा।कार्यकारी अध्यक्ष अखिलेश पाण्डेय ने अपने अध्यक्षीय भाषण में जोर दिया कि “पेंशन सिर्फ कर्मचारियों का सहारा नहीं, बल्कि उनके परिवार की सुरक्षा है”। उन्होंने स्पष्ट किया कि OPS पर किसी भी प्रकार का समझौता संभव नहीं है।
मुख्य अतिथि सांसद सुदामा प्रसाद, विशिष्ट अतिथि AICCTU अध्यक्ष शंकर, DRM वाराणसी आशीष जैन, वरिष्ठ मंडल कार्मिक प्रबंधक अभिनव कुमार और बिहार से एमएलसी शशि यादव सहित कई गणमान्य अतिथियों ने अधिवेशन को संबोधित किया।
DRM वाराणसी आशीष जैन ने आश्वस्त किया कि रेलवे प्रशासन कर्मचारियों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा वहीं, AICCTU महासचिव राजीव डिमरी और जेएनयू प्रोफेसर डॉ. अतुल सूद ने रेलवे कर्मचारियों के हितों की लड़ाई को ऐतिहासिक बताया।
संघर्ष की रणनीति और संकल्प
अधिवेशन में यह तय हुआ कि OPS बहाली को राष्ट्रीय मुद्दा बनाया जाएगा। NPS और UPS के खिलाफ सामूहिक उपवास, प्रदर्शन और आंदोलन किए जाएंगे। रेलवे निजीकरण और निगमीकरण की हर कोशिश का विरोध होगा। इसके आलावा अन्य कर्मचारी संगठनों के साथ संयुक्त हड़ताल की तैयारी की जाएगी।
यह है सहभागी संगठनइस अधिवेशन में फ्रंट अगेंस्ट NPS इन रेलवे (FANPSR), आल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA), आल इंडिया पॉइंट्समैन एसोसिएशन (AIPMA), आल इंडिया ट्रेन कंट्रोलर्स एसोसिएशन (AITCA) और अन्य संगठनों की भी सक्रिय भागीदारी रही।