नरेश सोनी इंडियन टीवी न्यूज नेशनल ब्यूरो हजारीबाग
हजारीबाग पुलिस अधीक्षक ने दिए सख्त निर्देश: अपराध नियंत्रण, त्वरित निष्पादन और अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने पर ज़ोर
हजारीबाग: 07 अक्टूबर 2025 – पुलिस अधीक्षक , हजारीबाग, ने आज दिनांक 07 अक्टूबर 2025 को आयोजित अपराध गोष्ठी में सभी थाना प्रभारियों और पुलिस पदाधिकारियों को अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के संबंध में कड़े दिशानिर्देश जारी किए। विशेष रूप से महिला सुरक्षा, कमजोर वर्गों के न्याय और अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने पर ज़ोर दिया गया है।
त्वरित न्याय और लंबित मामलों का निष्पादन
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि महिला प्रताड़ना एवं हिंसा तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति (SC/ST) से संबंधित मामलों में अविलंब कार्रवाई करते हुए उन्हें 60 दिनों के भीतर निष्पादित किया जाए। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2025 से पूर्व के सभी लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर अविलंब निष्पादित करने का आदेश दिया गया।
महिला और SC/ST मामले: 60 दिनों के भीतर कार्रवाई और निष्पादन।
पुराने लंबित कांड: प्राथमिकता के आधार पर अविलंब निष्पादन।
वारंटों का निष्पादन और सुरक्षा व्यवस्था
सभी थानों में लंबित जमानती तथा
गैर-जमानती वारंट, इश्तेहार एवं कुर्की-जब्ती के निष्पादन के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, सिविल कोर्ट की सुरक्षा की नियमित समीक्षा करते हुए सुरक्षा से संबंधित सभी मानकों को पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।
संगठित अपराध और अवैध कारोबार पर कड़ी कार्रवाई
जिले में अवैध गतिविधियों पर पूर्ण विराम लगाने हेतु पुलिस अधीक्षक ने निम्नलिखित बिंदुओं पर तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए:
नशाखोरी: नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री करने वाले गिरोहों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई।
अवैध खनन: अवैध कोयला, बालू एवं पत्थर उत्खनन पर पूर्णतः रोक लगाने के लिए अंचल अधिकारी (CO) एवं जिला खनन पदाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर कार्रवाई करना।
संगठित अपराध और सामाजिक सौहार्द: संगठित अपराध गिरोहों, अवैध खनन में संलिप्त व्यक्तियों तथा साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले व्यक्तियों के खिलाफ CCA एवं NSA (सुरक्षा अधिनियमों) के तहत कार्रवाई करने का निर्देश।
साइबर अपराध और जन-समस्या निवारण
पुलिस अधीक्षक ने साइबर से संबंधित लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित करने तथा उसमें शामिल अभियुक्तों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
अंत में, सभी थाना प्रभारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि वे अपने-अपने थानों में आम पब्लिक की समस्याओं को सुनें और उनकी समस्याओं को समय पर निष्पादित करें। इस बैठक में लिए गए सख्त फैसलों से स्पष्ट है कि हजारीबाग पुलिस जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और लंबित मामलों को तेज़ी से निपटाने के लिए प्रतिबद्ध है।