प्रेस विज्ञप्ति
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी – मीडिया विभाग
डबल इंजन सरकार के बावजूद केंद्र की योजनाओं की राशि न मिलने से प्रदेश का विकास रुका
मुख्यमंत्री ठोस पहल कर फंड रिलीज करवाएं – श्री जीतू पटवारी
केंद्र और प्रदेश — दोनों में भाजपा की डबल इंजन सरकार होने के बावजूद, केंद्र की योजनाओं के लिए घोषित फंड न मिलने से मध्यप्रदेश का विकास लगातार पिछड़ता जा रहा है। प्रदेश को केंद्र की योजनाओं में हिस्सेदारी का फंड न मिल पाना यह स्पष्ट प्रमाण है कि दोनों इंजनों के बीच तालमेल के बजाय गंभीर टकराव चल रहा है।
यह आरोप मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर लगाए हैं। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखते हुए कहा है कि
चालू वित्तीय वर्ष की पहली छमाही में केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश को विभिन्न योजनाओं के लिए ₹44,355.95 करोड़ की राशि स्वीकृत की थी, परंतु इसमें से केवल ₹8,027.12 करोड़ ही जारी किए गए — जो कुल स्वीकृत राशि का मात्र 18.07% है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री पटवारी ने प्रदेश की वित्तीय स्थिति और विकास योजनाओं दोनों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य — दोनों स्तरों पर यह राजकोषीय विफलता प्रदेश की जनता को भारी मूल्य चुकाने पर मजबूर कर रही है।
कथित ‘डबल इंजन सरकार’ के रहते हुए भी मध्यप्रदेश में भाजपा संगठन और मंत्रिमंडल में मची अंतर्कलह अब जनहित से जुड़ी योजनाओं पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। यही कारण है कि राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने का दावा करने वाले श्री शिवराज सिंह चौहान, श्री प्रहलाद पटेल, श्री कैलाश विजयवर्गीय और श्री राकेश सिंह भी अपनी जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह विफल रहे हैं।
पत्र में श्री पटवारी ने उल्लेख किया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, पीएम ई-बस योजना, उप-स्वास्थ्य केंद्र, नए मेडिकल कॉलेज, केन-बेतवा परियोजना तथा नगरीय विकास से जुड़ी अन्य योजनाओं में फंड न मिलने के कारण प्रदेश के विकास कार्य ठप हो गए हैं, जिसका सीधा असर ग्रामीण और शहरी गरीबों पर पड़ रहा है।
इसके अतिरिक्त, जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते भी केंद्र द्वारा फंड रोके जाने की बात सामने आई है — जो आपकी सरकार की जवाबदेही और पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।
मध्यप्रदेश के नागरिक अब यह भलीभांति समझ चुके हैं कि जब योजनाओं के फंड पर भ्रष्टाचार की छाया पड़ जाती है, तो इसका अर्थ है कि सरकार जनता के हितों के बजाय निजी स्वार्थों को प्राथमिकता दे रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भेजे गए उक्त पत्र की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को भी भेजी गई है, जिसमें मांग की गई है कि वे केंद्र के समक्ष तत्परता से फंड रिलीज करवाने के लिए ठोस पहल करें, साथ ही विकास योजनाओं में हो रहे भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई करें।
पत्र में यह भी आग्रह किया गया है कि वित्तीय अभाव के कारण रुकी योजनाओं के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र आगे बढ़ाया जाए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से कहा है कि वित्तीय कमी की यह स्थिति अब केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक जिम्मेदारी का विषय भी बन गई है।
जनहित की योजनाओं में फंड की कमी और विकास की रफ्तार में ठहराव — दोनों ही आपकी सरकार की प्रशासनिक अक्षमता के प्रमाण बनते जा रहे हैं।
उन्होंने आग्रह किया कि मुख्यमंत्री इस विषय को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आवश्यक कदम उठाएं।
भवदीय
डॉ विक्रम चौधरी
प्रवक्ता MPCC
मीडिया विभाग, मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी
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