फर्जी किरायेनामे के जरिये बोगस फर्म बनाकर 4.39 करोड़ का फ्रॉड करने का आरोप, एफआईआर
बरेली। बरेली में फर्जी किरायेनामा के जरिये बोगस फर्म बनाकर शातिरों ने 4.39 करोड़ रुपये के टैक्स का घपला कर दिया। जांच में पाया गया कि बोगस फर्म ने कागजों पर फर्जी क्रय विक्रय दिखाकर कर टैक्स चोरी की गई। बारादरी थाने में बरेली रेंज ए के राज्य कर अधिकारी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है।
राज्य कर अधिकारी ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि जौनपुर में पंजीकृत एक फर्म सर्वश्री विनोद इंटरप्राइजेज जांच में बोगस पाई गई थी। फर्म रजिस्ट्रेशन के लिए जिस ईमेल और फोन नंबर का इस्तेमाल किया गया था। उस पर अन्य फर्मों का रजिस्ट्रेशन भी कराया गया था। इन फर्मों की जांच के आदेश दिए गए थे। इस क्रम में पीलीभीत बाईपास पर नवादा शेखान के पते पर दर्शायी गई फर्म सर्वश्री ठाकुर इंटरप्राइजेज की जांच जीएसटी पोर्टल पर की गई।
जांच के दौरान सामने आया कि फर्म ने कोई आयात नहीं किया लेकिन फर्म द्वारा कागजों पर तीन फर्मों को सप्लाई दिखाई गई। जांच में पाया गया कि फर्म का मालिक अभिषेक ठाकुर निवासी लोमा वैशाली बिहार बिना इनवर्ड प्राप्त किए फर्जी आपूर्ति घोषित कर टैक्स चोरी कर रहा था। अभिषेक ने फर्जी बिलिंग के जरिए करीब 2441.95 लाख रुपये की सप्लाई दिखाकर 439.55 लाख रुपये का अवैध आईटीसी पास ऑन किया।
किरायेनामे के पते पर पहुंची टीम तो हुआ खुलासा
बरेली रेंज ए के उपायुक्त टीम के साथ जब फर्म के पते पर जांच करने पहुंचे तो वहां एक मकान मिला। मकान पर फर्म का कोई बोर्ड नहीं था। मौके पर मिले वेदपाल ने बताया कि ठाकुर इंटरप्राइजेज नाम से कोई फर्म संचालित नहीं होती है। वेदपाल की पत्नी नीलम की तरफ से बनाए गए किरायेनामे को दिखाया तो बताया गया कि नीलम की मृत्यु 2021 में हो चुकी है जबकि किरायेनामा 2024 में बनाया गया था।
आसपास अभिषेक का फोटो दिखाया गया लेकिन किसी ने उसकी पहचान नहीं की। इस तरह स्पष्ट हो गया कि फर्म खोलने के लिए जिस किरायेनामा का प्रयोग किया गया है वह भी फर्जी है। अभिषेक ठाकुर के खिलाफ बारादरी थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस आरोपी अभिषेक की तलाश कर रही है।
प्रवन पाण्डेय
ITN National
जिला संवाददाता बरेली