ग्राम पंचायत चुना गोसाई में भ्रष्टाचार उजागर करने वाले ग्रामीण दिनेश यादव पर एफआईआर
एसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग
चिचोली। ग्राम पंचायत चुना गोसाई में सचिव महेश बंस्कार और ग्रामीण दिनेश यादव के बीच चल रहे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। दिनेश यादव ने सचिव पर भ्रष्टाचार, फर्जी बिल, मनरेगा घोटालों और गाली-गलौज जैसी शिकायतें कई बार थाने में कीं, लेकिन किसी भी शिकायत पर FIR नहीं दर्ज हुई।
इसके उलट सचिव महेश बंस्कार ने 1 नवंबर 2025 को दिनेश यादव पर जातिसूचक शब्द कहने, गाली देने और धमकी देने का आरोप लगाते हुए शिकायत की और बीजादेही पुलिस ने तत्काल FIR दर्ज कर दी। FIR में सचिव ने रास्ते में रोककर धमकी देने का आरोप लगाया है।
दिनेश यादव का कहना है कि सचिव के खिलाफ पहले भी उन्होंने एसपी तक शिकायतें भेजीं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा अब उसी सचिव की शिकायत पर उन पर केस दर्ज कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी ठोस सबूत के सचिव की बात मानकर FIR कर दी गई, जबकि उनके पास सचिव के खिलाफ कई बार दिए गए लिखित प्रमाण मौजूद हैं।
ग्रामीणों का भी कहना है कि सचिव पर लगे भ्रष्टाचार और धमकी के आरोपों की जांच नहीं होना और शिकायतकर्ता पर ही FIR कर देना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। दिनेश यादव ने एसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।