नरेश सोनी इंडियन टीवी न्यूज नेशनल ब्यूरो हजारीबाग
हजारीबाग। ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए प्रशासन सख्त हो गया है। बुधवार को समाहरणालय सभागार में उपविकास आयुक्त (DDC) श्री इश्तियाक अहमद ने कृषि, पशुपालन, मत्स्य और उद्यान विभाग की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
खेती-किसानी पर जोर: सरसों बीज और सॉयल कार्ड की डेडलाइन
समीक्षा के दौरान डीडीसी ने रबी फसल की स्थिति पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरसों बीज का वितरण लाभुकों के बीच शत-प्रतिशत सुनिश्चित करें। इसके साथ ही ‘आरकेवीवाई मृदा स्वास्थ्य कार्ड’ (Soil Health Card) के लक्ष्य को जल्द पूरा करने और ‘आत्मा’ के तहत संचालित योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए।
केसीसी आवेदनों पर बैंकों से मांगा जवाब
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की धीमी प्रगति पर चिंता जताते हुए डीडीसी ने एलडीएम (LDM) को निर्देश दिया कि वे बैंकों के साथ समन्वय बिठाएं। उन्होंने कहा कि बैंकों में लंबित आवेदनों की स्वीकृति दर बढ़ाई जाए ताकि किसानों को समय पर आर्थिक मदद मिल सके। सर्वे कार्य में सुस्ती बरतने वाले बीटीएम (BTM) को भी कार्यशैली में सुधार की चेतावनी दी गई।
पशुपालन: टीकाकरण और ‘सरकार आपके द्वार’ पर फोकस
पशुपालन विभाग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को ‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम के दौरान प्राप्त आवेदनों पर तत्काल ‘वर्कआउट’ करने को कहा गया। मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना पर विशेष फोकस करने के साथ ही राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 100% टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने का लक्ष्य दिया गया।