बदायूं। मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाले 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे पर सोमवार को जिले के हिस्से में रन (स्पीड) ट्रायल किया गया। इस दौरान बिसौली क्षेत्र से चार गाड़ियों को एक्सप्रेस-वे पर उतारा गया।
उन्हें 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाया गया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, ट्रायल पूरी तरह सफल रहा, जिससे एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर भरोसा बढ़ा है।
जिले में गंगा एक्सप्रेस-वे पर कुछ दिन पहले टोल बूथ प्रणाली का ट्रायल किया गया था, जो सफल रहा। इसके बाद ही रन ट्रायल की अनुमति दी गई। अधिकारियों ने बताया कि ट्रायल के दौरान सड़क की सतह, घुमाव, ब्रिज, कट और सुरक्षा संकेतकों की बारीकी से जांच की गई। गाड़ियों की गति स्थिर रही। किसी भी स्थान पर तकनीकी या संरचनात्मक समस्या सामने नहीं आई।
गंगा एक्सप्रेस-वे जिले में करीब 92 किलोमीटर की दूरी तय कर रहा है। यह जिले की तीन तहसीलों से होकर गुजरता है। इस परियोजना के पूरा होने से जिले के लोगों को न केवल बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी बल्कि व्यापार, उद्योग और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। खासकर प्रयागराज, वाराणसी और मेरठ जैसे बड़े शहरों तक पहुंच आसान होने से आवागमन में काफी समय की बचत होगी।
रन ट्रायल के दौरान मौके पर यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) के अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने सुरक्षा इंतजामों, आपातकालीन सेवाओं और ट्रैफिक नियंत्रण व्यवस्था का भी परीक्षण किया। एंबुलेंस और पेट्रोलिंग वाहनों को भी तैयार रखा गया था ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि आगे भी चरणबद्ध तरीके से अन्य हिस्सों में ट्रायल किया जाएगा। सभी तकनीकी और सुरक्षा परीक्षण पूरे होने के बाद ही एक्सप्रेस-वे को आम जनता के लिए खोला जाएगा।
इंडियन टीवी न्यूज रिपोर्टर जिला बदायूं दीपेन्द्र राजपूत