78वें राजा बरियार शाह अंतर्राज्यीय फुटबॉल टूर्नामेंट में क्वार्टर फाइनल मुकाबले रोमांचक
दुद्धी सोनभद्र ।विकास खंड अंतर्गत के महुली खेल मैदान में चल रहे 78वें श्री राजा बरियार शाह अंतर्राज्यीय फुटबॉल टूर्नामेंट के चौथे दिन खेले गए मुकाबलों ने दर्शकों को रोमांच से भर दिया। दिन का पहला मुकाबला भवनाथपुर (झारखंड) बनाम राबर्ट्सगंज (सोनभद्र) के बीच खेला गया।
मैच के पहले हाफ में राबर्ट्सगंज के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार गोल दागकर टीम को मजबूत बढ़त दिलाई। वहीं भवनाथपुर की ओर से कड़ा संघर्ष करते हुए एक गोल किया गया और पहला हाफ 4–1 के स्कोर पर समाप्त हुआ। दूसरे हाफ में राबर्ट्सगंज ने एक और गोल कर स्कोर 5–1 कर दिया। इस प्रकार राबर्ट्सगंज सोनभद्र ने भवनाथपुर झारखंड को चार गोल के अंतर से पराजित कर अगले चक्र में प्रवेश किया।
दिन का दूसरा मुकाबला टूर्नामेंट का दूसरा क्वार्टर फाइनल रहा, जो डंडई (झारखंड) बनाम मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश) के बीच खेला गया। पहले हाफ में डंडई झारखंड के 15 नंबर जर्सीधारी खिलाड़ी पवन सिंह ने शानदार गोल कर टीम को 1–0 की बढ़त दिलाई। दूसरे हाफ में डंडई के 17 नंबर जर्सीधारी खिलाड़ी अंकित ने दूसरा गोल कर बढ़त को 2–0 कर दिया। दोनों टीमों के प्रयासों के बावजूद स्कोर में कोई बदलाव नहीं हुआ और डंडई झारखंड ने मिर्जापुर को 2–0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।
तीसरा मुकाबला महुली बी बनाम प्रतापपुर (छत्तीसगढ़) के बीच खेला गया। पहले हाफ में प्रतापपुर ने दो गोल कर बढ़त बनाई। दूसरे हाफ में महुली बी ने एक गोल कर स्कोर 2–1 कर मैच को रोमांचक बना दिया। इसके बाद प्रतापपुर ने तीसरा गोल दागा, वहीं महुली बी ने तुरंत जवाब देते हुए दूसरा गोल किया। अंततः प्रतापपुर छत्तीसगढ़ ने महुली बी को 3–2 से पराजित कर अगले चक्र में प्रवेश किया।
सभी मुकाबलों में रेफरी दीपक सिंह तथा लाइनमैन राजनाथ गोस्वामी, राजकपूर कन्नौजिया एवं विजेंदर कन्नौजिया ने सराहनीय भूमिका निभाई।
इस अवसर पर क्लब अध्यक्ष अरविंद जायसवाल, उपाध्यक्ष वीरेंद्र कन्नौजिया, पंकज गोस्वामी, अमित कुमार कन्नौजिया, संरक्षक वीरेंद्र चौधरी, अमरेश कुमार कन्नौजिया, रामकेश जायसवाल, बुंदेल चौबे, विवेक कुमार कन्नौजिया, खेल प्रभारी दिलीप कुमार कन्नौजिया सहित अन्य पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे। खेल मैदान दर्शकों से खचाखच भरा रहा और पूरे दिन उत्साहपूर्ण माहौल बना रहा।
सोनभद्र/दुद्धी (विवेक सिंह)