उन्नाव।
सड़क पर 100 के चित्र बिगड़ते देख हर किसी का कलेजा कम गया खुशी के रंग अभी चेहरे से उतरे भी नहीं थे कि लखनऊ–कानपुर हाईवे पर मौत ने पूरा परिवार उजाड़ दिया। बुधवार रात करीब 11:30 बजे, सोहरामऊ थाना क्षेत्र के भल्ला फार्म तिराहे के पास दिल दहला देने वाले सड़क हादसे तेज रफ्तार हंसते खेलते परिवार को पति-पत्नी और उनके दो मासूम बच्चों मौत की नींद सुला दिया। शादी की रौनक से लौटता घर, कुछ ही पलों में चार जनाजों में बदल गया।
अजगैन कोतवाली क्षेत्र के कस्बा निवासी वीरेंद्र (35) पुत्र गुरुचरण बुधवार को अपनी पत्नी रीतू (33) और बच्चों—अनुराधा (9) व रुद्र (6) के साथ लखनऊ के बंथरा थाना क्षेत्र स्थित दयालखेड़ा गांव में वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रहे थे। बाइक पर सवार यह परिवार घर की दहलीज से बस कुछ दूर ही था। बड़ी बेटी नैनसी (15) पीछे से आ रहे वीरेंद्र के साढ़ू रंजीत की बाइक पर बैठी थी—और यही संयोग उसे मौत से दूर ले गया।
भल्ला फार्म तिराहे के पास वीरेंद्र ने पीछे से आ रहे साढ़ू को न देख बाइक रोक दी और उसका इंतज़ार करने लगे। उसी वक्त तेज रफ्तार एक ट्रक ने आगे चल रहे कंटेनर में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कंटेनर हाईवे पर पलट गया। हादसे के बाद ट्रक चालक घबराकर भागने की कोशिश करने लगा—और तभी अनियंत्रित ट्रक ने सड़क किनारे खड़े बाइक सवार परिवार को कुचल दिया।
कुछ पलों में चीख-पुकार मच गई। राहगीरों के लिए वह दृश्य कलेजा चीर देने वाला था। पति-पत्नी और दो मासूमों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। पीछे चल रही बेटी नैनसी ने जब यह मंजर देखा, तो उसकी चीखें रात के सन्नाटे में गूंज उठीं—एक ही पल में उसका पूरा संसार उजड़ चुका था।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आनन-फानन में शवों को सड़क से हटवाया। थानाध्यक्ष अरविंद पांडेय ने बताया कि मृतकों के चारों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं और हादसे में शामिल ट्रक को कब्जे में ले लिया गया है। चालक की तलाश और हादसे की जांच जारी है।
इस हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर तेज रफ्तार और लापरवाही की कीमत उजागर कर दी है। एक बेटी बच तो गई, लेकिन उसकी आंखों के सामने मां-बाप और भाई-बहन की जिंदगी बुझ गई।
खुशियों से भरी एक रात, उन्नाव में ऐसा मातम छोड़ गई—जिसका दर्द शायद उम्र भर नहीं भरेगा
उन्नाव से जिला संवाददाता संतोष कुमार