इंडियन टीवी न्यूज सुशील चौहान जिला ब्यूरो चीफ
सिवनी:आदिवासी बाहुल्य विकासखंड कुरई अंतर्गत ग्राम पंचायत पिपरवानी के 52 किसानों ने धान खरीदी न होने से आक्रोशित होकर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर पीठ का दरवाजा खटखटाया है।किसानों ने खरीदी केंद्र की गंभीर लापरवाही के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर न्याय की मांग की है।
जानकारी के अनुसार किसानों ने इससे पहले जिला कलेक्टर को लिखित आवेदन सौंपकर धान खरीदी केंद्र में अनियमितताओं की शिकायत करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की थी लेकिन कोई ठोस पहल न होने से किसानों को न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
किसानों का आरोप है कि धान खरीदी केंद्र द्वारा स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 13जनवरी 2026 निर्धारित की गई थी। किसानों ने समय रहते अपनी उपज खरीदी केंद्र में पहुंचा दी थी इसके बावजूद सभी किसानों की धान की तौल नहीं की गई और न ही रिकॉर्ड ऑनलाइन पोर्टल में दर्ज किया गया।
बताया जा रहा है कि लगभग 10 से 15 किसानों की धान की तौल तो कर दी गई लेकिन उनका डेटा भी अब तक पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया है।वहीं शेष किसानों की धान खुले आसमान के नीचे पड़ी हुई है जिससे फसल खराब होने और भारी आर्थिक नुकसान की आशंका बनी हुई है।
धान खरीदी का कार्य सरस्वती स्व सहायता समूह देवरी द्वारा किया जा रहा है।किसानों ने समूह पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र पर “मुंह देखी खरीदी” की जा रही है जिसके कारण कई किसानों की फसल न तो तौली गई और न ही ऑनलाइन दर्ज की गई।
पीड़ित किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सभी किसानों की धान की तत्काल तौल कराकर पोर्टल में विधिवत प्रविष्टि की जाए तथा भुगतान प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए।किसानों का कहना है कि उन्होंने सोसायटी से कर्ज लेकर खेती की है।यदि समय पर धान खरीदी और भुगतान नहीं हुआ तो वे कर्ज चुकाने में असमर्थ हो जाएंगे और उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक खराब हो सकती है।न्याय न मिलने से आक्रोशित किसानों ने अंततः हाईकोर्ट में याचिका दायर कर न्याय की गुहार लगाई है।