दुद्धी सोनभद्र(विवेक सिंह)।
दुद्धी को तत्काल जिला घोषित करने की लंबे समय से चली आ रही मांग को लेकर आज शनिवार को स्थानीय कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं और ‘दुद्धी को जिला बनाओ संघर्ष मोर्चा’ के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। नारेबाजी करते हुए निकाला गया जुलूस तालाब रोड होते हुए तहसील पहुंचा, जहां तहसील दिवस पर फरियादियों की सुनवाई करने आए जिलाधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में दुद्धी तहसील को जिला बनाने के पक्ष में विस्तृत तर्क दिए गए हैं। इसमें कहा गया है कि दुद्धी सोनभद्र जिला मुख्यालय से करीब 150 किलोमीटर दूर स्थित है और उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा आदिवासी बाहुल्य, पिछड़ा, उद्योगप्रधान तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शुमार है। क्षेत्रीय दुर्गमता के कारण शासन की कल्याणकारी योजनाएं आम जनता तक पहुंच ही नहीं पा रही हैं। विगत तीन दशक से अधिक समय से स्थानीय लोग इस मांग को हर मंच पर उठाते आ रहे हैं। हाल के विधानसभा चुनावों में सत्ताधारी दल के कई केंद्रीय नेताओं, मंत्रियों और स्थानीय विधायक ने भी दुद्धी को जिला बनाने का वादा किया था। स्थानीय प्रशासन ने भी कई बार इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रिपोर्ट भेज चुका है। ज्ञापन में स्पष्ट कहा गया है कि दुद्धी जिला गठन के सभी मानकों को पूर्णतः पूरा करता है।
दुद्धी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम चंद यादव और सिविल बार एसोसिएशन दुद्धी के अध्यक्ष प्रभु सिंह कुशवाहा संयुक्त रूप से बताया कि जनहित में मुख्यमंत्री से शीघ्र उचित कार्रवाई की अपेक्षा है। जुलूस में बड़ी संख्या में वकील और क्षेत्रीय निवासी शामिल हुए, जिन्होंने ‘दुद्धी को जिला बनाओ’ आदि नारे लगाए। डीएम ने ज्ञापन ग्रहण कर उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया।
उधर क्षेत्रवासियों का मानना है कि जिला बनने से प्रशासनिक सेवाएं सुलभ होंगी और विकास को गति मिलेगी।
इस अवसर पर दोनों बार के अध्यक्षों के अलावा जितेंद्र श्रीवास्तव, कुलभूषण पांडे, विष्णुकांत तिवारी, राकेश कुमार मद्धेशिया,प्रेमचंद्र जायसवाल,अरुणोदय जौहरी,कैलाश गुप्ता ,रामपाल जौहरी,कृष्ण कुमार ,रामजी पांडे,रेनू गुप्ता ,आशीष गुप्ता ,अभिनव जायसवाल,राकेश अग्रहरि, पी.सी गुप्ता सहित कही संख्या में वकील जुलूस में शामिल रहे ।