जाकिर ज़ंकार | आहवा
राज्य के दुर्गम क्षेत्रों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से चल रही योजनाओं की समीक्षा के तहत जल संपत्ति एवं जलापूर्ति (स्वतंत्र प्रभार) मंत्री इश्वरसिंह पटेल ने डांग जिले के आहवा तालुका स्थित घाणा समूह जलापूर्ति योजना का स्थल निरीक्षण किया।
मंत्री ने मुख्य हेडवर्क्स *गायगौठण* में पहुंचकर अधिकारियों से योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर गुजरात विधानसभा के उप मुख्य दंडक श्री विजयभाई पटेल भी उपस्थित रहे।
10 गांवों को मिलेगा लाभ इस नई समूह जलापूर्ति योजना में कुल 10 गांव शामिल हैं। वर्तमान योजना के गांव – गायगौठण, कोटबा और धवलीदोड – तथा नए शामिल गांव – घाणा, जामलापाड़ा, गाढ़वी, सुकमाल, दिवानटेम्बुन और जामनविहिर शामिल हैं।
वर्ष 2011 की 7,742 जनसंख्या को आधार मानते हुए तथा वर्ष 2049 तक अनुमानित 13,379 जनसंख्या के लिए लगभग 0.937 एमएलडी पानी की आवश्यकता को ध्यान में रखकर योजना तैयार की गई है।
योजना की प्रमुख विशेषताएं
घाणा गांव के निकट पूर्णा नदी के तट पर 8 मीटर ऊंचाई के दो बांधों का निर्माण
लगभग 0.56 एमएलडी जल संग्रह क्षमता
गायगौठण में 0.937 एमएलडी क्षमता का जल शुद्धिकरण संयंत्र
सम्प से पंपिंग कर पाइपलाइन द्वारा सभी गांवों तक जलापूर्ति
अनुमानित लागत ₹ 2131.32 लाख (नेट) एवं ₹ 2502.77 लाख (ग्रॉस)
वर्तमान स्थिति कोटबा और धवलीदोड गांवों में वर्ष 2001 में निर्मित चेकडैम आधारित योजना से जलापूर्ति हो रही है, लेकिन सिल्ट भराव के कारण जल संग्रह क्षमता कम हो गई है। अन्य गांव कुआं आधारित जलापूर्ति योजना पर निर्भर हैं, जहां गर्मियों में जलस्तर नीचे जाने से पानी की कमी हो जाती है।
नई चेकडैम और समूह योजना लागू होने के बाद इन गांवों को पर्याप्त एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने उगा चेकडैम का भी दौरा कर सिंचाई सुविधाओं की जानकारी ली। इस अवसर पर जिला जलापूर्ति विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।