महाराष्ट्र शासन के बेटी बचाओ अभियान तथा गर्भधारणा पूर्व एवं प्रसूति पूर्व निदान तकनीक (पीसीपीएनडीटी) अधिनियम के सख्त क्रियान्वयन के तहत यह कार्रवाई की गई। गोपनीय सूचना के आधार पर अनसिंग के एक मेडिकल स्टोर पर डमी ग्राहक भेजकर जांच की गई, जिसमें बिना किसी वैध प्रिस्क्रिप्शन के गर्भपात संबंधी दवाइयों की बिक्री किए जाने का मामला सामने आया। संबंधित दवाओं का स्टॉक पंचनामा कर जब्त किया गया है तथा नमूने सरकारी प्रयोगशाला में भेजे गए हैं।
इसके बाद खडसिंगी-अनसिंग परिसर में की गई जांच के दौरान वेग्रा-100 मि.ग्रॅ. नामक कामोत्तेजक दवा की 253 पट्टियों का अवैध भंडार भी जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 20 हजार रुपये से अधिक बताई जा रही है।
खाद्य एवं औषध प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गर्भपात की दवाओं की बिना प्रिस्क्रिप्शन बिक्री तथा अवैध दवा भंडारण गंभीर दंडनीय अपराध है और संबंधितों के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट तथा पीसीपीएनडीटी कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि स्त्री भ्रूण हत्या और अवैध दवा कारोबार के खिलाफ शून्य सहनशीलता नीति अपनाई गई है और भविष्य में ऐसी कार्रवाइयों को और तेज किया जाएगा।
प्रताप नागरे की रिपोर्ट