प्रवीण मिश्रा की रिपोर्ट।
इंडियन टीवी न्यूज नैशनल।
आरोपी पक्ष ने एंटी करप्शन टीम को इसकी सूचना दी। टीम ने इंस्पेक्टर विनोद कुमार सोनकर को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। आरोपी पक्ष ने थाने में जैसे ही इंस्पेक्टर को पैसे दिए, टीम ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया।
पकड़े जाने पर पहले इंस्पेक्टर होने का रौब जमाया, फिर एंटी करप्शन टीम खींचकर ले जाने लगी तो गिड़गिड़ाने लगा। बोला- छोड़ दो, बर्बाद हो जाऊंगा, स्टाफ का मामला है। कुछ तो रहम कीजिए।
इंस्पेक्टर को गिरफ्तार करके घूरपुर थाने ले जाया गया है। मामला मंगलवार दोपहर का बारा थाने का है। इंस्पेक्टर मूल रूप से वाराणसी के सारनाथ का रहने वाला है। 2012 में दरोगा से प्रमोट होकर इंस्पेक्टर बना था।
रेप और सुलह का दबाव बनाने का केस हुआ था भदोही के सुरियावां थाना के लुकमानपुर निवासी संतोष कुमार दुबे के खिलाफ बारा थाने में एक मुकदमा दर्ज था। दरअसल, नवंबर माह में एक महिला ने शादी का झांसा देकर एक व्यक्ति पर दुष्कर्म, साथ ही संतोष कुमार दुबे और 2 अन्य पर सुलह के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया था।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि कुछ दिनों पहले ही पीड़ित युवती ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान में यह कहा था कि उसने गलतफहमी में मुकदमा लिखा दिया। ऐसे में अब वह कोई कार्रवाई नहीं चाहती। इसके बाद यह तय हो गया था कि मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगेगी।
इसी अवसर का फायदा उठाते हुए इंस्पेक्टर ने 75 हजार रुपए घूस की मांग की, क्योंकि उन्हें मालूम था कि मुकदमे में पीड़ित युवती का बयान हो चुका है और अब फाइनल रिपोर्ट लगाई जानी है।।