कौशिक नाग – कोलकाता
मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में 60 लाख मतदाताओं का भविष्य अभी भी अधर में है. उनके नाम वोटर लिस्ट में शामिल होंगे या नहीं, इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं है. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या वोटर लिस्ट पब्लिकेशन की समयसीमा बढ़ेगी! एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची संशोधन का काम अंतिम चरण में है, लेकिन आंकड़े बता रहे हैं कि लाखों मतदाताओं की स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं है. ऐसे में 28 फरवरी को प्रस्तावित अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की समय-सीमा बढ़ने की संभावना जतायी जा रही है. सुनवाई प्रक्रिया 14 फरवरी को समाप्त हो चुकी है. 21 फरवरी तक दस्तावेजों का सत्यापन पूरा कर लेने का लक्ष्य रखा गया है. बावजूद इसके, बड़ी संख्या में अब भी केस लंबित हैं. इसकी वजह से प्रशासनिक दबाव बढ़ गया है. पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल का दावा है कि पूरी प्रक्रिया समय पर पूरी कर ली जायेगी. घबराने की कोई जरूरत नहीं है. समय-सीमा बढ़ाने पर अभी तक कोई औपचारिक निर्णय नहीं लिया गया है. इस बीच, भारत निर्वाचन आयोग का एक प्रतिनिधि दल मार्च के पहले सप्ताह में कोलकाता पहुंचेगा. 2 दिनों तक सीईओ और डीईओ के साथ बैठक के बाद चुनाव की तिथियों की घोषणा किये जाने की संभावना जतायी जा रही है.