उरई(जालौन):
तहसील जालौन सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय व पुलिस अधीक्षक डॉ दुर्गेश कुमार ने दूर-दराज से आए फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। समाधान दिवस में कुल 60 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 14 का मौके पर ही निस्तारण कर राहत प्रदान की गई। मोहल्ला खटीकान निवासी आरती सिंह ने सार्वजनिक रास्ते पर निर्माण कराए जाने की शिकायत प्रस्तुत की। जिलाधिकारी ने राजा बेटी, अजय कुमार एवं विजय कुमार को भी सुना और तहसीलदार, कोतवाल, अधिशासी अधिकारी व लेखपाल की संयुक्त टीम से स्थलीय जांच कराई। नगर पालिका से स्वीकृत नक्शा, नजरि व चौहद्दी का मिलान कराया गया, जिसमें निर्माण स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप पाया गया। तथ्य स्पष्ट होने पर प्रकरण का निष्पक्ष निस्तारण कर दिया गया।अशोक कुमार श्रीवास्तव ने आरसीसी सड़क निर्माण के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके घर के पास सड़क निर्माण नहीं हुआ है। जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग एवं संबंधित अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाकर मौके पर जांच कराई। निरीक्षण में सड़क पूर्ण रूप से निर्मित पाई गई, जबकि कुछ हिस्से में इंटरलॉकिंग कार्य कराया गया था। जांच रिपोर्ट के आधार पर शिकायत का समाधान किया गया। ग्राम सलाबाद निवासी निर्दोष कुमार चतुर्वेदी ने चकमार्ग पर अतिक्रमण की शिकायत दी। राजस्व टीम द्वारा गाटा संख्या 262 की पैमाइश कर सीमांकन किया गया। जांच में पाया गया कि चकमार्ग का एक भाग वर्षों से नाले के रूप में उपयोग में है तथा कुछ हिस्सा गड्ढे के कारण बाधित है। जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी को एक सप्ताह के भीतर चकरोड डलवाने के निर्देश दिए। देवकी पत्नी ब्रजबिहारी एवं ठाकुर दीन के बीच नगर क्षेत्र स्थित मकान विवाद का नायब तहसीलदार द्वारा मौके पर निस्तारण कराया गया। दीक्षा पत्नी रामपाल, निवासी पर्वतपुर के परिवार सदस्यता प्रमाण पत्र एवं वरासत संबंधी प्रकरण का भी तत्काल समाधान किया गया। अंश दुरुस्ती के मामलों में सुखराम सिंह पुत्र मुलायम सिंह, निवासी बिजुवापुर सहित अन्य प्रकरणों का निस्तारण किया गया। दिव्यांग प्रमाण पत्र हेतु जावेद एवं प्रीति सिंह द्वारा प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया, जिस पर जिलाधिकारी के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा मौके पर ही प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए गए।जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं की जाएगी। अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर शिकायतकर्ता की उपस्थिति में जांच करें और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। रैंडम जांच में गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी हेमन्त पटेल, उप जिलाधिकारी विशेश्वर यादव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी बीरेंद्र सिंह आदि सहित सम्बंधित अधिकारी मौजूद रहे।
(अनिल कुमार ओझा ब्यूरो प्रमुख उरई-जालौन) उत्तर प्रदेश