रिपोर्ट अजय सिंह तोमर
पोरसा|मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के अंतर्गत शनिवार को विद्यार्थियों के लिए विद्युत विभाग का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को बिजली विभाग की कार्यप्रणाली, विद्युत आपूर्ति प्रणाली तथा विभाग द्वारा किए जाने वाले विभिन्न तकनीकी एवं प्रशासनिक कार्यों की व्यावहारिक जानकारी देना था।
कार्यक्रम के दौरान विद्युत विभाग के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बताया कि किस प्रकार बिजली उत्पादन से लेकर उपभोक्ताओं तक विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाती है। साथ ही बिजली वितरण प्रणाली, ट्रांसफॉर्मर की भूमिका, लाइन में आने वाली तकनीकी समस्याएं और उनके समाधान के बारे में विस्तार से समझाया गया।
विद्युत विभाग के सब डिविजनल अधिकारी (AE) इंद्रेश्वर सिंह पटेल ने विद्यार्थियों को बिजली बिल तैयार होने की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि मीटर रीडिंग के आधार पर बिल तैयार किया जाता है और उपभोक्ताओं को समय पर भुगतान करने की सलाह दी जाती है ताकि अनावश्यक दंड या बिजली कटौती से बचा जा सके।
इस दौरान अधिकारियों ने बिजली चोरी के कारण होने वाले नुकसान और इसे रोकने के लिए विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी। विद्यार्थियों को बताया गया कि बिजली चोरी न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इससे विभाग और ईमानदारी से बिल भरने वाले उपभोक्ताओं दोनों को नुकसान होता है।
इसके अलावा ट्रांसफॉर्मर खराब होने की स्थिति में उसकी मरम्मत या बदलने की प्रक्रिया, लाइन फॉल्ट होने पर विभाग की कार्यप्रणाली तथा बिजली कटौती या अन्य समस्या आने पर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से बताया गया। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को विभाग के कंट्रोल रूम, शिकायत निवारण प्रणाली और आपातकालीन सेवाओं के बारे में भी जानकारी दी।
इस अवसर पर विभाग की ओर से KPO हरेंद्र तोमर, सोनू तोमर और रामप्रताप तोमर उपस्थित रहे, जिन्होंने विद्यार्थियों को तकनीकी पहलुओं की जानकारी देते हुए उनके सवालों के जवाब भी दिए।
कार्यक्रम में मेंटोर के रूप में कृष्ण चंद दीक्षित, मनीष शिवहरे, संतोष शर्मा, सरिता तोमर और अंजली तोमर मौजूद रहे। वहीं विद्यार्थियों में विमलेश, दिव्या, शिवा, अंजली, नंदिनी, आस्था, रीना, श्वेता, खुशी, महक, रितिका, रेखा, अनुभा, प्रिया, सोनियां, शहनाज, मीना, गौरव, शिवाकर, अभिषेक, सोबेंद्र, सूरज, रवि और आशुतोष सहित कई छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने बिजली व्यवस्था से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका अधिकारियों ने विस्तार से समाधान किया। इस शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों को विद्युत विभाग के कार्यों की वास्तविक और व्यावहारिक समझ प्राप्त हुई, जिससे उनके ज्ञान में वृद्धि हुई।
कार्यक्रम के अंत में संतोष शर्मा ने उपस्थित अधिकारियों, मेंटर्स और सभी छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों को प्रशासनिक और तकनीकी व्यवस्थाओं को समझने का अवसर मिलता है, जो उनके नेतृत्व कौशल और सामाजिक जागरूकता के विकास में सहायक साबित होता है।