जिला ब्यूरो चीफ जावेद अली टीकमगढ़
पलेरा। प्रदेश में बालिकाओं की सुरक्षा और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए चलाए जा रहे “महिला सुरक्षा-स्वतंत्रता-सम्मान” अभियान के तहत पलेरा पुलिस एक्शन मोड में है। रविवार को पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई के निर्देशन में पलेरा थाना पुलिस टीम ने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय पहुँचकर छात्राओं के साथ ‘परी वर्ग’ कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान पुलिस टीम ने छात्राओं के साथ आत्मीय संवाद कर उनमें आत्मविश्वास का संचार किया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी विपरीत परिस्थिति में डरने की बजाय साहस से काम लेना ही सुरक्षा की पहली सीढ़ी है। छात्राओं को बताए सुरक्षा के 3 गोल्डन रूल्स: पहचानें गलत व्यवहार: छात्राओं को ‘गुड टच और बैड टच’ के साथ-साथ किसी भी व्यक्ति के संदेहास्पद व्यवहार को पहचानने के टिप्स दिए गए। चुप न रहें: यदि कोई स्थिति असुरक्षित या असहज लगे, तो उसे छिपाने के बजाय तुरंत अपने शिक्षकों, माता-पिता या पलेरा पुलिस को बताएं। तकनीक का उपयोग: आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद पाने के लिए हेल्पलाइन नंबरों के उपयोग का डेमो दिया गया। *इन नंबरों को रखें याद*पुलिस टीम ने छात्राओं को इन महत्वपूर्ण नंबरों के बारे में विस्तार से समझाया: 1090: महिला हेल्पलाइन (सुरक्षा के लिए)
1930: साइबर हेल्पलाइन (ऑनलाइन फ्रॉड के लिए)
112: आपातकालीन पुलिस सेवा (तत्काल मदद के लिए)
अब तक 98 हजार से अधिक तक पहुँचा संदेश उल्लेखनीय है कि जिला पुलिस के इस अभियान के तहत अब तक जिले की लगभग 98,500 बालिकाओं को जागरूक किया जा चुका है। पलेरा पुलिस का लक्ष्य क्षेत्र के हर विद्यालय और बस्ती तक पहुँचकर बेटियों को निडर बनाना है, ताकि वे सुरक्षित वातावरण में अपनी शिक्षा और भविष्य संवार सकें।
पलेरा पुलिस का संकल्प: बालिकाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए हम सदैव आपके साथ हैं।