रिपोर्ट अजय सिंह तोमर
पोरसा|सोने की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की पहुंच से इसे दूर कर दिया है। ऐसे में अब लोग असली सोने के बजाय नकली और फैंसी जेवरात का अधिक उपयोग करने लगे हैं। बाजार में ऐसे आभूषण आसानी से उपलब्ध हैं, जिनकी कीमत कम होने के कारण वे लोगों के लिए आकर्षक विकल्प बन गए हैं।
वर्तमान समय में मात्र 2000 रुपये तक में महिलाओं का पूरा श्रृंगार फैंसी ज्वेलरी से हो जाता है। यही कारण है कि इन सस्ते और दिखने में आकर्षक जेवरों की मांग तेजी से बढ़ रही है। शादी-ब्याह और अन्य सामाजिक आयोजनों में भी अब लोग नकली आभूषण पहनना पसंद कर रहे हैं।
दूसरी ओर, सोने-चांदी के पारंपरिक आभूषण बनाने वाले कारीगरों पर इसका नकारात्मक असर पड़ा है। उनका व्यवसाय लगातार घट रहा है, जिससे वे आर्थिक परेशानी का सामना कर रहे हैं। कारीगरों का कहना है कि पहले जहां उन्हें नियमित काम मिलता था, अब ऑर्डर में भारी कमी आ गई है।
ऐसे हालात में पारंपरिक आभूषण बनाने वाले कारीगरों के सामने आजीविका चलाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। यदि यही स्थिति बनी रही, तो इस पारंपरिक कला और रोजगार पर संकट और गहरा सकता है।