नई दिल्ली: ‘फसह के प्रेम के माध्यम से जीवन देने’ के वैश्विक संकल्प के साथ, वर्ल्ड मिशन सोसाइटी चर्च ऑफ गॉड द्वारा दिल्ली के गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल में एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह आयोजन चर्च द्वारा संचालित 1853वें विश्वव्यापी रक्तदान अभियान का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य अस्पतालों में रक्त की कमी को दूर करना और आपातकालीन स्थिति में मरीजों की जान बचाना है।
खबर के मुख्य बिंदु:
प्रेरणा और उद्देश्य: यह रक्तदान शिविर ‘फसह’ (Passover) के प्रेम और ईसा मसीह की शिक्षाओं से प्रेरित है, जिसमें निस्वार्थ भाव से दूसरों की सेवा करने का संदेश दिया गया है।
उत्साही भागीदारी: शिविर में स्थानीय नागरिकों, चर्च के सदस्यों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। दानदाताओं के चेहरे पर दूसरों की मदद करने की खुशी साफ देखी जा सकती थी।
चिकित्सा सहयोग: GTB अस्पताल के क्षेत्रीय रक्त बैंक केंद्र (Regional Blood Bank Centre) ने इस पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए अपना पूर्ण तकनीकी सहयोग प्रदान किया।
रक्तदान का महत्व: विशेषज्ञों के अनुसार, एक यूनिट रक्त दान करने से तीन से चार व्यक्तियों की जान बचाई जा सकती है।
जागरूकता अभियान: कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों ने पोस्टर और बैनर के माध्यम से रक्तदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर किया और लोगों को नियमित अंतराल पर रक्तदान करने के लिए प्रोत्साहित किया।
प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति:
कार्यक्रम में अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टरों और चर्च के प्रतिनिधियों ने शिरकत की। वक्ताओं ने कहा कि रक्तदान केवल एक चिकित्सा प्रक्रिया नहीं, बल्कि मानवता के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। चर्च ऑफ गॉड पिछले दो दशकों से विश्व स्तर पर ऐसे हजारों शिविर आयोजित कर लाखों यूनिट रक्त एकत्र कर चुका है।