भोपाल
कांग्रेस नेता डॉ. विक्रम चौधरी ने पंडित खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय, भोपाल में आउटसोर्स माध्यम से निकाली गई पंचकर्म सहायक एवं पंचकर्म चिकित्सक/थेरेपिस्ट की भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे भाजपा सरकार की युवा विरोधी और हास्यास्पद नीति का उदाहरण बताया है।
डॉ. चौधरी ने कहा कि एक ओर सरकार नियमित शासकीय पदों पर नियुक्ति के समय अधिकांश पदों के लिए पूर्व अनुभव की अनिवार्यता नहीं रखती और चयन के बाद प्रशिक्षण देकर कर्मचारियों को कार्य के योग्य बनाती है, वहीं दूसरी ओर शासकीय संस्थानों में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती के लिए अनुभव की शर्त लगाकर बेरोजगार युवाओं के सामने एक विचित्र और अन्यायपूर्ण स्थिति उत्पन्न कर रही है।
उन्होंने सवाल किया कि यदि किसी युवा को पहली नौकरी ही नहीं मिलेगी तो वह अनुभव कहां से लाएगा? भाजपा सरकार आखिर युवाओं से यह अपेक्षा कैसे कर सकती है कि वे पहले कहीं अनुभव प्राप्त करें और उसके बाद ही सरकारी संस्थान में काम करने के योग्य माने जाएं?
डॉ. चौधरी ने कहा कि यह नीति वस्तुतः उन लोगों को लाभ पहुंचाने का माध्यम बन जाती है जो पहले से किसी निजी संस्थान में कार्यरत हैं, जबकि नए प्रशिक्षित युवाओं और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले अभ्यर्थियों के लिए अवसरों के दरवाजे बंद हो जाते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लगातार सरकारी नौकरियों को समाप्त कर आउटसोर्स व्यवस्था को बढ़ावा दे रही है। पहले स्थायी रोजगार छीना जाता है और फिर उन्हीं पदों पर निजी एजेंसियों के माध्यम से भर्ती कर युवाओं के सामने अनुभव जैसी अतिरिक्त बाधाएं खड़ी कर दी जाती हैं। यह रोजगार सृजन नहीं बल्कि बेरोजगारों का उपहास है।
डॉ. चौधरी ने मांग की कि:
शासकीय संस्थानों में आउटसोर्स भर्ती के लिए अनुभव की अनावश्यक शर्त तत्काल समाप्त की जाए।
संबंधित भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा कर सभी पात्र युवाओं को समान अवसर दिया जाए।
आउटसोर्स व्यवस्था के स्थान पर नियमित एवं पारदर्शी सरकारी भर्ती की जाए।
युवाओं के हितों के विपरीत बनाए गए ऐसे नियमों को तत्काल निरस्त किया जाए।
अंत में डॉ. चौधरी ने कहा कि “भाजपा सरकार युवाओं को रोजगार देने के बजाय उन्हें अनुभव के दुष्चक्र में फंसाने का काम कर रही है। यह नीति न केवल अव्यावहारिक है बल्कि सामाजिक न्याय और समान अवसर की भावना के भी विरुद्ध है। कांग्रेस पार्टी ऐसे भेदभावपूर्ण नियमों का पुरजोर विरोध करती है और इनके तत्काल निरस्तीकरण की मांग करती है।”
जारीकर्ता:
मीडिया विभाग डॉ. विक्रम चौधरी
कांग्रेस नेता, मध्यप्रदेश