रिपोर्ट अजय सिंह तोमर
पोरसा|सोमवार को मुक्तिधाम स्थित महाकाल मंदिर में आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब भगवान शिव की कृपा प्राप्ति और विश्व शांति की कामना के लिए विशेष औषधि महा अभिषेक का आयोजन किया गया। इस दौरान पूरा मुक्तिधाम “ॐ नमः शिवाय” के जयघोष से गूंज उठा और वातावरण शिवमय हो गया।
इस भव्य धार्मिक आयोजन में ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बीके रेखा बहन, अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त समाजसेवी एवं मुक्तिधाम के संरक्षक संचालक डॉ. अनिल गुप्ता, पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष रामकुमार गुप्ता, राकेश कुमार गुप्ता, महेश पेगोरिया सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
औषधि महा अभिषेक और भस्म आरती
मंदिर में भगवान शिव का विशेष औषधियों, दूध, दही, घी, शहद और पवित्र जल व गंगा जल से एवं औषधीयो से विधि-विधानपूर्वक महा अभिषेक किया गया। इसके बाद भव्य भस्म आरती संपन्न हुई, जिसने श्रद्धालुओं को अद्भुत आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान की।
भक्तों ने दीप प्रज्वलित कर और मंत्रोच्चार के साथ भगवान शिव से विश्व शांति, सुख-समृद्धि और मानव कल्याण की प्रार्थना की।
सोमवार की पूजा का विशेष महत्व
हिंदू धर्म में सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। इस दिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने का विशेष महत्व होता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार:
सोमवार को शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
इस दिन व्रत और पूजा करने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
भगवान शिव की आराधना से जीवन के कष्ट, रोग और बाधाएं दूर होती हैं।
कुंडली में चंद्र दोष या अन्य ग्रह बाधाओं के निवारण में भी सोमवार की पूजा लाभकारी मानी जाती है।
भक्ति और आस्था का अनूठा संगम
मुक्तिधाम महाकाल मंदिर में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान ने न केवल श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक रूप से जोड़ा, बल्कि समाज में शांति, सद्भाव और सकारात्मकता का संदेश भी दिया।
पूरे आयोजन के दौरान हर ओर “हर हर महादेव” और “ॐ नमः शिवाय” की गूंज सुनाई देती रही, जिसने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। यह आयोजन पोरसा क्षेत्र में धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक बनकर उभरा।