सहारनपुर । भारतीय जनता पार्टी के पूर्व महानगर अध्यक्ष पुनीत त्यागी की मौत को लेकर अब विवाद गहराता जा रहा है। शुरुआती तौर पर जहां उनकी मौत को हृदय गति रुकने से हुई बताया गया था, वहीं अब इस मामले में हत्या की आशंका जताई जा रही है और निष्पक्ष जांच की मांग जोर पकड़ने लगी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुनीत त्यागी 29 जनवरी की सुबह करीब 8 बजे अपने घर से फैक्ट्री जाने के लिए निकले थे, लेकिन वह वहां नहीं पहुंचे। देर शाम तक घर वापस न लौटने पर परिजनों की चिंता बढ़ गई और उन्होंने उनकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बावजूद कोई सुराग नहीं मिलने पर उनकी पत्नी ममता त्यागी ने 1 फरवरी को थाना सदर बाजार में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को सामान्य डायरी में दर्ज कर जांच शुरू की और उनकी तलाश के लिए कई टीमों का गठन किया गया। साथ ही मोबाइल कॉल डिटेल्स समेत तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही थी। इसी बीच सोमवार को हरिद्वार में उनका शव मिलने की सूचना मिली, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुनीत त्यागी के शव को भाजपा के ध्वज में लपेटकर अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे। नम आंखों से सभी ने उन्हें अंतिम विदाई दी और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।अब इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठने लगे हैं। त्यागी भूमिहार महासभा के अध्यक्ष अक्षु त्यागी ने पुनीत त्यागी की मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही मामले का खुलासा नहीं किया गया तो संगठन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा वहीं भाजपा महानगर अध्यक्ष शीतल बिश्नोई ने कहा कि उन्हें फिलहाल इस संबंध में उठ रहे सवालों की जानकारी नहीं है, लेकिन पूरी भाजपा पार्टी पुनीत त्यागी के परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि परिवार जो भी कदम उठाएगा, पार्टी हर स्तर पर उसका समर्थन करेगी। मामले ने अब तूल पकड़ लिया है और स्थानीय स्तर पर भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। परिजन और संगठन दोनों ही इस मामले में निष्पक्ष और गहन जांच की मांग कर रहे हैं, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
रमेश सैनी आशीष सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़