दुद्धी सोनभद्र।(विवेक सिंह)
ज्येष्ठ अमावस्या के पावन अवसर पर शनिवार की सुबह स्थानीय पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस की बाउंड्री व त्रिभुवन फील्ड के समीप स्थित व अन्य बरगद के वृक्ष पर वट सावित्री व्रत की कथा तथा पूजा-अर्चना की गई। सुबह से ही बड़ी संख्या में सुहागिन महिलाएं पहुंचीं और परंपरा के अनुसार बरगद के पेड़ में कच्चा धागा बाँधकर उसकी परिक्रमा की।
पूजा कार्यक्रम का आरंभ पूर्ण विधि-विधान और भक्तिभाव के साथ हुआ। महिलाओं ने देवी सावित्री की आराधना करते हुए सत्यवान सावित्री की कथा श्रद्धापूर्वक सुनी। कथा वाचन में बताया गया कि माता सावित्री ने अपने तप, त्याग और अटूट पतिव्रता धर्म के बल पर यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे तभी से यह व्रत सुहागिनों के लिए विशेष महत्व रखता है।
पूजन के दौरान उपस्थित महिलाओं ने वटवृक्ष को जल अर्पित किया और दीप, धूप, फल, खीर, पंचामृत,मीठे गुलगुले ,चना अन्य पारंपरिक पूजन सामग्री चढ़ाई। सभी ने अपने अपने पति की दीर्घायु एवं परिवार की सुख‑समृद्धि के लिए मन्नतें मांगी।
पूजा के दौरान वातावरण भक्तिमय बना रहा और महिलाएं श्रद्धा तथा विश्वास के साथ पूजा अर्चना बड़े उत्साह के साथ किया ।