राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
कटनी।
शहर सहित जिलेभर में शनिवार को वट सावित्री व्रत श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने पति की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना को लेकर विधि-विधान से व्रत रखकर वट वृक्ष की पूजा-अर्चना की। सुबह से ही महिलाएं सोलह श्रृंगार कर मंदिरों और वट वृक्षों के आसपास पहुंचीं, जहां धार्मिक माहौल देखने को मिला।
शहर के बाबाघाट हनुमान मंदिर, पुराना जिला न्यायालय परिसर स्थित हनुमान मंदिर, विश्राम बाबा काली मंदिर एवं उपनगरीय क्षेत्र छपरवाह स्थित खेरमाता मंदिर परिसर सहित विभिन्न स्थानों पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने वट वृक्ष की परिक्रमा कर पूजा की। कई महिलाओं ने 108 बार वट वृक्ष की परिक्रमा करते हुए रक्षा सूत्र बांधा और परिवार की सुख-शांति की कामना की।
बाबाघाट हनुमान मंदिर में महिलाओं की विशेष भीड़ देखने को मिली, जहां श्रद्धालुओं ने सावित्री-सत्यवान की कथा श्रवण कर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। देवालयों के साथ नदी-तालाब किनारे स्थित वट एवं पीपल वृक्षों के नीचे भी पूजा-अर्चना का सिलसिला दिनभर चलता रहा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वट सावित्री व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक वट वृक्ष में त्रिदेवों का वास माना गया है। मान्यता है कि इसकी पूजा से महिलाओं को अखंड सौभाग्य, परिवार में सुख-समृद्धि एवं पति की लंबी आयु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। वहीं वृक्ष से लटकती लताओं को देवी सावित्री का प्रतीक माना जाता है।
पूरे जिले में वट सावित्री व्रत को लेकर उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना रहा तथा मंदिरों में महिलाओं की भीड़ देर शाम तक बनी रही।