किशोर कुमार छत्तीसगढ़ स्टेट रिपोर्टर इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
दुर्ग
सिबिल स्कोर सुधारने का झांसा देकर साइबर ठगों ने करीब 40 छात्रों से लाखों रुपये की ठगी कर ली।
गिरोह ने आसान लोन, बेहतर क्रेडिट स्कोर और तत्काल वित्तीय सहायता का लालच देकर छात्रों को अपने जाल में फंसाया।
जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने खुद को वित्तीय सलाहकार या एजेंट बताकर छात्रों से संपर्क किया और दावा किया कि वे उनका सिबिल स्कोर तेजी से बढ़ा सकते हैं। इसके लिए प्रोसेसिंग फीस, सर्विस चार्ज और अन्य मदों के नाम पर अलग-अलग रकम ऑनलाइन ट्रांसफर कराई गई।
पैसे मिलने के बाद न तो सिबिल स्कोर में कोई सुधार हुआ और न ही छात्रों को किसी प्रकार की सेवा मिली। जब पीड़ितों ने आरोपियों से संपर्क करने की कोशिश की तो उनके मोबाइल नंबर बंद मिले और वे फरार हो गए।
शिकायत मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर टीम बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेनदेन के आधार पर गिरोह की पहचान करने में जुटी है।
पुलिस की अपील
सिबिल स्कोर सुधारने के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति या संस्था को पैसे न दें।
किसी भी प्रकार की प्रोसेसिंग फीस या अग्रिम भुगतान करने से पहले संबंधित संस्था की वैधता की जांच करें।
बैंक खाते, ओटीपी, पासवर्ड और व्यक्तिगत वित्तीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
संदिग्ध कॉल, मैसेज या ऑनलाइन ऑफर मिलने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन या स्थानीय पुलिस से संपर्क करें।
पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।