किशोर कुमार छत्तीसगढ़ स्टेट रिपोर्टर इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
दुर्ग
जिले के धान खरीदी केंद्रों में करीब ढाई करोड़ रुपये मूल्य के धान की शॉर्टेज का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। इस मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, स्टॉक के मिलान और रिकॉर्ड की जांच के दौरान धान की कमी का पता चला। प्रारंभिक जांच में रिकॉर्ड और वास्तविक भंडारण के बीच बड़ा अंतर सामने आया है, जिसके बाद मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
मामले को लेकर विभिन्न संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग की है। उनका कहना है कि पूरे प्रकरण की गहन जांच कर दोषियों की पहचान की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाए।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि संबंधित खरीदी केंद्रों के दस्तावेज, स्टॉक रजिस्टर और भंडारण व्यवस्था की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
धान खरीदी व्यवस्था में सामने आई इस कथित अनियमितता ने किसानों और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की निगाहें जांच के नतीजों और प्रशासन द्वारा उठाए जाने वाले कदमों पर टिकी हैं।