किशोर कुमार छत्तीसगढ़ स्टेट रिपोर्टर इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
रायपुर।
छत्तीसगढ़ में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार को बड़ा झटका लगा है। राज्य के पांच नए मेडिकल कॉलेजों को अभी तक राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) से मान्यता नहीं मिल पाई है,
जिसके कारण एमबीबीएस की 250 नई सीटें बढ़ाने की योजना फिलहाल अटक गई है।
जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार ने चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से नए मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश शुरू करने की तैयारी की थी।
इसके तहत प्रत्येक कॉलेज में 50-50 एमबीबीएस सीटें शुरू करने का प्रस्ताव था, लेकिन NMC की मंजूरी नहीं मिलने से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी
बताया जा रहा है कि निरीक्षण के दौरान फैकल्टी, बुनियादी ढांचे, अस्पताल सुविधाओं और अन्य आवश्यक मानकों से संबंधित कुछ कमियां सामने आई हैं।
इन्हीं कारणों से आयोग ने अभी मान्यता प्रदान नहीं की है। संबंधित संस्थानों को आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं।
मान्यता नहीं मिलने से प्रदेश के उन छात्रों को भी निराशा हाथ लगी है, जो राज्य में ही मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने की उम्मीद लगाए हुए थे।
यदि मंजूरी मिल जाती तो प्रदेश में एमबीबीएस सीटों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होती और छात्रों को अधिक अवसर मिलते।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल कॉलेजों में आवश्यक संसाधनों और सुविधाओं को जल्द पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। कमियों को दूर कर NMC के समक्ष दोबारा प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि भविष्य में मान्यता प्राप्त कर नई सीटों पर प्रवेश शुरू किया जा सके।
चिकित्सा शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि नए मेडिकल कॉलेजों को जल्द मान्यता मिलने से न केवल डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी।