रायपुर
कमिश्नरेट पुलिस ने शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने और असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया। एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट की टीमों ने देर रात और तड़के सुबह शहर के अलग-अलग इलाकों में सघन चेकिंग अभियान चलाया, जिसमें 60 संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई। पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले के निर्देश पर तथा पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला की निगरानी में यह अभियान चलाया गया। 11 और 12 जून 2026 की दरम्यानी रात को 3 बजे से सुबह 6 बजे तक शहर के विभिन्न स्थानों पर आकस्मिक जांच की गई। इस दौरान संदिग्ध रूप से घूम रहे लोगों को पकड़कर एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट कार्यालय लाया गया।
जांच में कुल 60 व्यक्तियों की पहचान और सत्यापन किया गया, जिनमें 4 नाबालिग भी शामिल थे। पूछताछ में एक व्यक्ति आर्म्स एक्ट के मामले में संदिग्ध पाया गया, जबकि दो व्यक्ति पूर्व में मारपीट के मामलों में शामिल रहे हैं। इसके अलावा जांच के दौरान 12 दोपहिया और चारपहिया वाहन बिना नंबर प्लेट या संदिग्ध स्थिति में पाए गए, जिनकी वैधानिक जांच की जा रही है। कुछ स्थानों पर गांजे की पुड़िया और शराब भी बरामद हुई, हालांकि पुलिस को देखकर संबंधित लोग मौके से फरार हो गए। बरामद सामग्री की जांच जारी है। पुलिस ने सभी व्यक्तियों को आवश्यक पूछताछ और सत्यापन के बाद कड़ी समझाइश देकर छोड़ दिया। नाबालिगों को उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया और उन्हें परामर्श भी दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि शहर में अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था और असामाजिक तत्वों पर निगरानी के लिए इस तरह के अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
धनीराम देवांगन
स्टेट रिपोर्टर छत्तीसगढ़