बरेली।
उत्तर प्रदेश के बरेली भोजीपुरा स्थित एसआरएमएस (SRMS) मेडिकल कॉलेज से एक बेहद चौंकाने वाला और संवेदनशील मामला सामने आया है। यहाँ रैगिंग और सीनियर डॉक्टरों के कथित मानसिक उत्पीड़न से तंग आकर एमडी (MD) के एक छात्र ने मेडिकल कॉलेज की तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। तीसरी मंजिल से कूदने के कारण छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया। छात्र की हालत इतनी नाजुक थी कि उसे कई दिनों तक आईसीयू (ICU) में जिंदगी और मौत की जंग लड़नी पड़ी।इस खौफनाक कदम के बाद पीड़ित छात्र के पिता की शिकायत पर पुलिस ने कई सीनियर डॉक्टरों और कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।मिली जानकारी के मुताबिक, पीड़ित छात्र आशु पाराशर एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज से एमडी की पढ़ाई कर रहा था। परिजनों का आरोप है कि पिछले काफी समय से कॉलेज के सीनियर डॉक्टर्स और प्रबंधन के कुछ लोग उसे लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। आशु ने इस कथित रैगिंग और मानसिक उत्पीड़न की शिकायत कॉलेज प्रशासन से भी की थी, लेकिन प्रबंधन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और कोई कार्रवाई नहीं की। शिकायत के बाद भी उत्पीड़न का सिलसिला जारी रहने से आहत होकर आशु ने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।पीड़ित छात्र के पिता सुधीर पाराशर ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में कॉलेज के सीनियर डॉक्टरों और प्रबंधन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। तहरीर के अनुसार, सीनियर डॉक्टर्स आशु के साथ आए दिन गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार करते थे। इतना ही नहीं, उससे जबरन अपने निजी काम कराए जाते थे और विरोध करने पर करियर बर्बाद करने की धमकी दी जाती थी। आशु को बिना आराम दिए लगातार कई-कई घंटों की लंबी ड्यूटी करने के लिए भी मजबूर किया जाता था, जिससे वह गहरे मानसिक तनाव में आ गया था।पिता सुधीर पाराशर के बयानों के अनुसार,मेरा बेटा डॉक्टर बनने का सपना लेकर यहाँ आया था, लेकिन यहाँ सीनियर्स ने उसे मानसिक रूप से तोड़ दिया। कॉलेज प्रबंधन से शिकायत की गई थी, अगर समय रहते कार्रवाई हो जाती तो आज मेरा बेटा अस्पताल के आईसीयू में जिंदगी की भीख न मांग रहा होता।घटना के बाद हरकत में आई स्थानीय पुलिस ने पीड़ित पिता की तहरीर के आधार पर आरोपी सीनियर डॉक्टरों और कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। कॉलेज के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और अन्य छात्रों से भी पूछताछ की जाएगी। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।इस घटना के बाद से मेडिकल कॉलेज के अन्य छात्रों में भी रोष और भय का माहौल है। एंटी-रैगिंग दावों की पोल खुलने के बाद एक बार फिर मेडिकल कॉलेजों में छात्रों की मानसिक स्थिति और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
रिपोर्ट:शुऐब खान ब्योरो चीफ बरेली मण्डल