शहजाद आलम, जिला संवाददाता
सिद्धार्थनगर। जिले के मोहाना थाना क्षेत्र अंतर्गत नगर पंचायत कपिलवस्तु के सहजनवा मोहल्ले में मंगलवार को एक हृदयविदारक हादसे में 40 वर्षीय युवक की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि मृतक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था, जिसकी असामयिक मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सहजनवा मोहल्ला निवासी रवींद्र कुमार (40 वर्ष) मंगलवार को अपने घर में लगे नल के पास पानी की मोटर चालू करने गए थे। बताया जा रहा है कि मोटर में किसी तकनीकी खराबी के कारण करंट उतर रहा था। जैसे ही रवींद्र ने मोटर को चालू करने के लिए उसे छुआ, वह अचानक तेज करंट की चपेट में आ गए।
करंट का झटका इतना तेज था कि वह मौके पर ही अचेत होकर जमीन पर गिर पड़े। घर के अन्य सदस्यों ने जब उन्हें गिरा हुआ देखा तो तुरंत मदद के लिए दौड़े। परिजनों और आसपास के लोगों ने किसी तरह उन्हें करंट से अलग किया और गंभीर अवस्था में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बर्डपुर ले गए।
हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों की ओर से मौत की पुष्टि होते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। अस्पताल परिसर में मौजूद परिजन बिलख-बिलख कर रोने लगे। इस दर्दनाक घटना की खबर मिलते ही मोहल्ले के लोग भी अस्पताल पहुंच गए और परिवार को सांत्वना देने लगे।
ग्रामीणों के अनुसार, रवींद्र कुमार मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी आय पर ही पूरे परिवार की जिम्मेदारी टिकी हुई थी। परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं। रवींद्र की अचानक मौत से परिवार आर्थिक और मानसिक संकट में आ गया है।
घटना की सूचना मिलते ही शुद्धोधन चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है।
स्थानीय लोगों ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए विद्युत उपकरणों की नियमित जांच और सुरक्षा मानकों के पालन की आवश्यकता पर जोर दिया है। वहीं, मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की भी मांग उठने लगी है।
रवींद्र कुमार की असमय मृत्यु ने एक खुशहाल परिवार की खुशियां छीन लीं और पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया। उनकी मौत से मोहल्ले में शोक का माहौल बना हुआ है।