इंडियन टीवी न्यूज़
सुशील चौहान
बरघाट के गुर्रापाठा में विकास या विनाश?भ्रष्टाचार के खेल में डूबा स्नान घाट और नाली निर्माण!
सिवनी:ग्राम पंचायत गुर्रापाठा में चल रहे निर्माण कार्यों ने प्रशासनिक पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।ग्रामीण विकास की उम्मीदें अब भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरती नज़र आ रही हैं।
♦️सूचना बोर्ड का अभाव:सरकारी नियमों के अनुसार किसी भी निर्माण कार्य के स्थल पर’सूचना बोर्ड’लगाना अनिवार्य है ताकि आम जनता को लागत और कार्य की जानकारी मिल सके।लेकिन गुर्रापाठा में बिना किसी बोर्ड के निर्माण जारी है जिससे पारदर्शिता पूरी तरह गायब है।
♦️गुणवत्ता विहीन निर्माण:ग्रामीणों का आरोप है कि स्नान घाट और नाली निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री बेहद निम्न स्तर की है। घटिया निर्माण के कारण संरचनाओं के भविष्य पर अभी से संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
♦️सरकारी राशि का ‘बंदरबांट’:आमजन का आरोप है कि जनता के पैसे का सही उपयोग होने के बजाय इसे मिलीभगत से ठिकाने लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
♦️ग्रामीणों का तीखा सवाल:”जब सब कुछ नियम के दायरे में हो रहा है तो सरपंच और सचिव को पारदर्शिता रखने में डर क्यों लग रहा है?”
♦️प्रशासनिक लापरवाही या
मिलीभगत?:स्थानीय स्तर पर निर्माण कार्यों में बरती जा रही यह लापरवाही सीधे तौर पर सरपंच और सचिव की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगा रही है।क्या यह भ्रष्टाचार का मामला है या सिर्फ प्रशासनिक सुस्ती? यह तो निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
♦️क्या जनपद स्तर के अधिकारी संज्ञान लेंगे?:क्या घटिया निर्माण की उच्च स्तरीय जांच की जाएगी?
क्या गुरपाठा की जनता को मिलेगा विकास का सही हक?