गजपति जिला मुख्यालय पारलाखेमुंडी स्थित जिला परिषद सम्मेलन कक्ष में बाल विवाह उन्मूलन के लिए जिला स्तरीय कार्ययोजना (2026–2029) के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन ने यूनिसेफ के सहयोग से किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला, ब्लॉक एवं पंचायत स्तर के विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। इस दौरान बाल विवाह की रोकथाम, बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा तथा संबंधित सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की गई।
यूनिसेफ, भुवनेश्वर से आए बाल संरक्षण सलाहकार घासीराम पांडा ने प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देते हुए बाल विवाह रोकने के लिए विभिन्न उपायों, कानूनी प्रावधानों और सामुदायिक सहभागिता के महत्व पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में गजपति जिला राज्य का दूसरा बाल विवाह मुक्त घोषित जिला बना था, इसलिए इस उपलब्धि को बनाए रखने और आगे भी निरंतर प्रयास जारी रखने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में अतिरिक्त जिलाधिकारी फाल्गुनी माझी, मुख्य विकास अधिकारी दयामय पाढ़ी, जिला समाज कल्याण अधिकारी मनोरमा देवी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण के अंत में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि प्राप्त प्रशिक्षण के माध्यम से जिले में बाल विवाह उन्मूलन अभियान को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा तथा बाल अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जाएगा।